Aapka Rajasthan

वीएचपी नेता विकास प्रभाकर हत्याकांड में एक और आरोपी की गिरफ्तारी, भाई ने कहा, 'गृह मंत्री से करवाई जाए मुलाकात'

पंजाब, 14 अगस्त (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पंजाब के नंगल शहर में विश्व हिंदू परिषद नेता विकास प्रभाकर की हत्या के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मनवीर राम उर्फ आशु के रूप में हुई है।
 

पंजाब, 14 अगस्त (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पंजाब के नंगल शहर में विश्व हिंदू परिषद नेता विकास प्रभाकर की हत्या के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मनवीर राम उर्फ आशु के रूप में हुई है।

इस गिरफ्तारी पर मृतक के भाई सुरेश ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि कुछ आतंकियों ने 2024 में मेरे भाई को शहीद कर दिया था। सभी ने साथ दिया था। सभी के सहयोग के कारण ही हम ये समय काट पाए, वरना हमने बहुत दुख झेला है। एनआईए की जांच में सामने आया कि दुबई में बैठे शख्स ने हथियार भेजे थे। गुरुवार को एक आरोपी पकड़ा गया है। सरकार को बहुत-बहुत धन्यवाद है। अब हमें उम्मीद जगी है कि सरकार इस मामले में भी कार्रवाई कर रही है। मेरा भाई संगठन का समर्पित कार्यकर्ता रहा है।

सुरेश ने मांग की है कि हम चाहते हैं कि गृह मंत्री से हमें मिलवाया जाए। हमारे और माता जी के मन में बहुत सारी बातें हैं जो हम कहना चाहते हैं। हम उनसे पैसे नहीं मांगना चाहते, बस हम गृह मंत्री से अपने दिल की बात कहना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि दावा किया जाता है कि मुझे लाखों, करोड़ों रुपए मिले हैं। पंजाब सरकार ने हमें एक रोजगार दिया है। भाभी जी को कुछ पैसे मिले थे, इसके अलावा हमारे परिवार को कुछ नहीं मिला है।

बता दें कि एनआईए द्वारा जारी लुक आउट सर्कुलर के आधार पर गुरुवार को आरोपी को अमृतसर स्थित श्री गुरु राम दास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने रोका। इसके बाद एनआईए ने उसे हिरासत में ले लिया।

मामला अप्रैल 2024 में स्थानीय वीएचपी नेता विकास प्रभाकर की हत्या से जुड़ा है। विकास प्रभाकर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। एनआईए ने 9 मई 2024 को इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी और तब से एक चार्जशीट तथा दो पूरक चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।

जांच एजेंसी के अनुसार, जांच में पता चला है कि विकास प्रभाकर की हत्या की साजिश प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल के जर्मनी स्थित सदस्यों ने रची थी। इस साजिश के मुख्य आरोपियों की पहचान हरजीत सिंह उर्फ लाडी और कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू के रूप में हुई है। मनवीर राम ने इस साजिश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उसने हत्या में इस्तेमाल किए जाने वाले हथियारों की व्यवस्था कराने में मदद की थी।

--आईएएनएस

एएमटी/एबीएम