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वर्टिकल में टाइमिंग है सबसे बड़ी चुनौती, यही एक्टर को बनाती है बेहतर : प्रतीक चौधरी

मुंबई, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। टेलीविजन अभिनेता प्रतीक चौधरी इन दिनों बालाजी टेलीफिल्म्स की वर्टिकल सीरीज 'साइलेंट शिकारी' में नजर आ रहे हैं। अभिनेता का कहना है कि वह खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें बालाजी टेलीफिल्म्स के साथ काम करने का मौका मिला है।
 

मुंबई, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। टेलीविजन अभिनेता प्रतीक चौधरी इन दिनों बालाजी टेलीफिल्म्स की वर्टिकल सीरीज 'साइलेंट शिकारी' में नजर आ रहे हैं। अभिनेता का कहना है कि वह खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें बालाजी टेलीफिल्म्स के साथ काम करने का मौका मिला है।

आईएएनएस के साथ बातचीत के दौरान अभिनेता ने कहा, "बालाजी के साथ इस सीरीज में मैंने दो दिन का काम किया था और मेरा अनुभव बहुत शानदार रहा है। मुझे लगता है कि हर वो एक्टर अपने आपको खुशकिस्मत समझेगा, जिसे बालाजी के साथ काम करने का मौका मिला है क्योंकि उनके कंटेंट बहुत शानदार रहते हैं और उनके शूट करने का तरीका दूसरों से काफी अलग है। ऐसा नहीं है कि दूसरे प्रोडक्शन हाउस या डायरेक्टर्स का काम अच्छा नहीं है। सभी बहुत अच्छा काम कर रहे हैं लेकिन बालाजी के साथ कुछ ऐसी चुनौतियां हैं जो बहुत मुश्किल होती हैं।"

अभिनेता ने आगे वर्टिकल सीरीज और वेब सीरीज के की तुलना पर बात करते हुए कहा, "यह दोनों ही अपने आप में अलग हैं। सबसे पहले तो हमें वर्टिकल फॉर्मेट में टेलीविजन को ही पूरा करना होता है। जैसा कि आप जानते हैं, टेलीविजन सालों से चल रहा है। पहले मैं सोचता था कि टेलीविजन बहुत मुश्किल है लेकिन वर्टिकल करने के बाद मुझे एहसास हुआ कि शायद वर्टिकल फॉर्मेट से ज्यादा मुश्किल कुछ भी नहीं है। हो सकता है भविष्य में कुछ ऐसा आए जो वर्टिकल को भी आसान बना दे। सबसे बड़ी समस्या टाइमिंग की है। हमें चीजों को ठीक से करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलता लेकिन मुझे लगता है कि यही चुनौती एक एक्टर को उसके काम में बेहतर बनाती है।"

उन्होंने आगे कहा, "पहले मुझे लगता था कि टेलीविजन से ही मैंने अभिनय सीखा है लेकिन वर्टिकल में काम करने के बाद मुझे एहसास हुआ है कि इस फॉर्मेट ने भी मुझे बहुत कुछ सिखाया है। हमें कुछ ही दिनों में अपने रोज के काम को पूरा करना होता है और उन कुछ दिनों में हम बहुत सारे एपिसोड शूट कर लेते हैं। मुझे पता है कि पांच से दस मिनट के छोटे क्लिप्स होते हैं, लेकिन सीन खुद बहुत लंबे होते हैं। एक एक्टर के तौर पर इतने कम समय में इतने सारे सीन करना आपको बहुत अनुभव देता है और यह आपको बहुत कुछ सिखाता है। तो मुझे लगता है कि मैंने वर्टिकल फॉर्मेट से बहुत कुछ सीखा है।"

उन्होंने अपनी बात को खत्म करते हुए कहा, "मैं वर्टिकल के बारे में एक बात और कहना चाहूंगा। टेलीविजन में आप आमतौर पर एक समय पर दो या तीन डायरेक्टर्स के साथ काम करते हैं, जब तक उन्हें बदला न जाए। वर्टिकल में आपको नए डायरेक्टर्स और नए कंटेंट के साथ काम करने का मौका मिलता है। हमेशा एक फिक्स टीम नहीं होती।तो एक एक्टर के तौर पर आप बहुत कुछ एक्सप्लोर कर सकते हैं और बहुत कुछ सीख सकते हैं।"

--आईएएनएस

एनएस/पीएम