वायुसेना प्रमुख पहुंचे अग्रिम मोर्चे पर, जवानों और अग्निवीरवायु के साथ मनाई दीपावली
नई दिल्ली, 8 नवंबर (आईएएनएस)। दिवाली के अवसर पर भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित अग्रिम मोर्चे पर मुस्तैद जवानों के बीच पहुंचे। उन्होंने यहां तैनात वायु योद्धाओं के साथ त्योहार मनाया। वह दिवाली के दिन वायुसेना के एक अग्रिम क्षेत्र स्थित स्टेशन पहुंचे थे। यहां उन्होंने देश की हवाई सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे वायुसेना के जवानों और अग्निवीर वायु से मुलाकात व संवाद किया। इस दौरान उन्होंने जवानों के साथ दिवाली की खुशियां साझा कीं और उन्हें मिठाइयां बांटकर त्योहार की शुभकामनाएं दीं।
वायुसेना प्रमुख ने वायु योद्धाओं की सराहना व्यक्त की, जो दिवाली जैसे महत्वपूर्ण त्योहार पर अपने परिवारों से दूर रहकर देश की सुरक्षा में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। उन्होंने जवानों की अटूट प्रतिबद्धता, कर्तव्यनिष्ठा और देश की हवाई सीमाओं को सुरक्षित रखने के लिए उनके निरंतर प्रयासों की प्रशंसा की।
उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि त्योहारों के अवसर पर जब लोग अपने परिवारों के साथ खुशियां मनाते हैं, तब अग्रिम मोर्चों पर तैनात वायु योद्धा अपनी ड्यूटी को प्राथमिकता देते हुए पूरी सतर्कता के साथ देश की सुरक्षा में जुटे रहते हैं।
दिवाली के अवसर पर वायुसेना प्रमुख का जवानों के बीच पहुंचना इस बात का संदेश भी है कि देश की सुरक्षा में तैनात वायु योद्धाओं का योगदान और उनका त्याग बेहद महत्वपूर्ण है। परिवारों से दूर रहकर त्योहार मनाने वाले ये जवान अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखते हुए देश के आसमान की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।
वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दीपावली के अवसर पर सिक्किम के शेराथांग में भारतीय सेना के जवानों के साथ त्योहार मनाया है। इस दौरान उन्होंने शेराथांग युद्ध स्मारक पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और जवानों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। सैनिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि तकनीक कितनी भी आधुनिक क्यों न हो, अगर जवान के अंदर अनुशासन और साहस नहीं है, तो तकनीक बेकार है। जवानों का अनुशासन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि जवान जिस चौकी पर तैनात हैं, वहां उनका व्यवहार, वर्दी, भाषा और संयम स्थानीय लोगों के मन में सेना की छवि बनाते हैं। शेराथांग और आसपास के क्षेत्रों में आम लोगों का सेना के प्रति बहुत स्नेह है। इस स्नेह को बनाए रखना भी जवानों की जिम्मेदारी है। रक्षा मंत्री ने दीपावली के महत्व का उल्लेख करते हुए सैनिकों की भूमिका को दीये से जोड़ा।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार दीपावली का दीया, बिना शोर किए अंधेरे से लड़ता है। आपका जीवन भी ऐसा ही है। आप शोर नहीं करते, लेकिन अपनी उपस्थिति से पूरे देश को सुरक्षा का भरोसा देते हैं। जब देश त्योहार मनाता है, तब भी आप सीमाओं पर चौकस रहते हैं। आपके कारण देश के नागरिक चैन से सोते हैं। आपके कारण दीपावली के दीये और भी रोशन लगते हैं।
-आईएएनएस
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