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वसई-विरार: फर्जी दस्तावेजों के सहारे खड़ी की 8 मंजिला इमारत! फ्लैटों की बिक्री में धोखाधड़ी, दो आरोपी गिरफ्तार

वसई - विरार, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। फर्जी निर्माण अनुमति और कथित जाली दस्तावेजों के सहारे अवैध इमारत खड़ी कर फ्लैट खरीदारों के साथ धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। विरार पूर्व के नारिंगी गांव में स्थित आठ मंजिला ‘ध्रुवी हाइट्स-2’ इमारत के 113 फ्लैटों की बिक्री में कथित अनियमितताओं को लेकर क्राइम ब्रांच यूनिट-2 वसई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
 

वसई - विरार, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। फर्जी निर्माण अनुमति और कथित जाली दस्तावेजों के सहारे अवैध इमारत खड़ी कर फ्लैट खरीदारों के साथ धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। विरार पूर्व के नारिंगी गांव में स्थित आठ मंजिला ‘ध्रुवी हाइट्स-2’ इमारत के 113 फ्लैटों की बिक्री में कथित अनियमितताओं को लेकर क्राइम ब्रांच यूनिट-2 वसई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान व्हीव्ही कंस्ट्रक्शन के कमलेश महादेव पाटिल (40) और विशाल विनायक पाटिल (38) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, मामले में फर्जी निर्माण अनुमति और फर्जी सीसी (प्रारंभ प्रमाणपत्र) के इस्तेमाल की जांच की जा रही है।

बुधवार को क्राइम ब्रांच यूनिट -2 ने बताया कि नालासोपारा पूर्व के आचोले क्रॉसरोड स्थित जय साईराज संयुक्त नगर में रहने वाले शिकायतकर्ता मुकेश शिवसागर उपाध्याय ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि विरार पूर्व के मौजे नारिंगी गांव में सर्वे नंबर 232, हिस्सा नंबर 5 स्थित भूखंड पर व्हीव्ही कंस्ट्रक्शन के कमलेश महादेव पाटील ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर आठ मंजिला इमारत का अवैध निर्माण किया।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि इमारत के फर्जी सीसी यानी प्रारंभ प्रमाणपत्र का इस्तेमाल कर फ्लैटों का पंजीकरण कराया गया और कई ग्राहकों के साथ आर्थिक धोखाधड़ी की गई।

शिकायत की जांच क्राइम ब्रांच यूनिट -2 वसई ने की। इस दौरान वसई-विरार शहर महानगरपालिका से भी संबंधित जानकारी प्राप्त की गई। पुलिस की जांच में कमलेश महादेव पाटील के साथ विशाल विनायक पाटील की कथित संलिप्तता भी सामने आई। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों से अनुमति लेकर मामला दर्ज किया गया। 19 अक्टूबर को विरार पुलिस स्टेशन में कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया।

पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर आपसी मिलीभगत से फर्जी निर्माण अनुमति के आधार पर ‘ध्रुवी हाइट्स-2’ नामक आठ मंजिला इमारत का निर्माण किया। इस इमारत में बने 113 फ्लैटों की बिक्री और उप-पंजीयक कार्यालय क्रमांक-6 में दस्तावेजों के पंजीकरण के दौरान कथित धोखाधड़ी किए जाने का आरोप है।

पुलिस का कहना है कि फ्लैटों को वैध बताकर बेचने के कारण फ्लैट खरीदारों और सरकार के साथ धोखाधड़ी हुई। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा निर्माण अनुमति और सी.सी. से जुड़े दस्तावेज कैसे तैयार किए गए।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के अन्य सहयोगियों और इस मामले में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए दोनों आरोपियों को 29 अक्टूबर 2026 तक पुलिस हिरासत में लिया है। क्राइम ब्रांच यूनिट -2 वसई इस मामले की गहन जांच कर रही है।

पुलिस ने ‘ध्रुवी हाइट्स-2’ इमारत में फ्लैट खरीदने वाले उन नागरिकों से सामने आने की अपील की है, जिनके साथ कथित तौर पर धोखाधड़ी हुई है। ऐसे लोगों से मामले के जांच अधिकारी से मिलकर अपनी शिकायत दर्ज कराने को कहा गया है, ताकि जांच में उनकी शिकायतों को शामिल किया जा सके।

यह कार्रवाई पुलिस कमिश्नर निकेत कौशिक और पुलिस उपायुक्त (अपराध) संदीप डोईफोडे के मार्गदर्शन में की गई। सहायक पुलिस आयुक्त (प्रकटीकरण) का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक नितीन पाटील के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच यूनिट-2, वसई की टीम ने कार्रवाई की।

पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि कथित फर्जी निर्माण अनुमति के आधार पर इमारत का निर्माण कैसे हुआ, 113 फ्लैटों की बिक्री में किन लोगों की भूमिका रही और इस मामले में अन्य कौन-कौन आरोपी शामिल हैं।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी