वाराणसी शिक्षक एमएलसी सीट पर सपा का परचम, लाल बिहारी यादव लगातार दूसरी बार जीते
वाराणसी, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की वाराणसी खंड शिक्षक सीट पर समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रत्याशी लाल बिहारी यादव ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कर पार्टी का परचम लहराया है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के डॉ. प्रमोद मिश्रा को 5,015 मतों से शिकस्त दी।
वाराणसी खंड शिक्षक सीट पर लाल बिहारी यादव की जीत की घोषणा होते ही सपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जीत की बधाई दी। इस दौरान पार्टी के समर्थन में जमकर नारे लगाए गए। ढोल-नगाड़ों की धुन पर समर्थक खुशी से झूमते नजर आए। देर रात तक एक-दूसरे को बधाई देने का सिलसिला जारी रहा।
जानकारी के अनुसार लाल बिहारी यादव को कुल 11,612 मत मिले, जबकि डॉ. प्रमोद मिश्रा के खाते में 6,597 मत आए। इस जीत से सपा कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। परिणाम घोषित होते ही समर्थकों ने नारेबाजी की और ढोल-नगाड़ों की थाप पर जमकर झूमे।
जीत हासिल करने के बाद लाल बिहारी यादव ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह जीत अखिलेश यादव की नीतियों और शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का परिणाम है। उन्होंने पुरानी पेंशन योजना की बहाली, गैर-वित्तपोषित शिक्षकों के मानदेय, सहायता प्राप्त और सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की सेवा शर्तों तथा अल्पसंख्यक विद्यालयों और मदरसों में मानदेय से जुड़े विषयों का उल्लेख किया। इसके अलावा, उन्होंने डिग्री कॉलेजों में सेमेस्टर आधारित परीक्षाओं के विरोध को भी शिक्षकों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों में शामिल बताया।
लाल बिहारी यादव ने कहा कि पिछले चुनाव में उन्होंने लगभग एक हजार मतों के अंतर से जीत हासिल की थी, जबकि इस बार जीत का अंतर बढ़कर पांच हजार से अधिक मतों का हो गया है। उनके अनुसार, यह परिणाम पार्टी और उनके प्रति शिक्षकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि अखिलेश यादव एक बार फिर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे और शिक्षकों की समस्याओं का समाधान करेंगे। सपा की सरकार शिक्षकों के साथ खड़ी है, इसलिए दूसरी बार भी इन लोगों ने मुझे जिताया है, मैंने इनसे जो वादा किया है उसे जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास करूंगा।
--आईएएनएस
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