वाराणसी के चर्चित दालमंडी बाजार में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी, 8 मकान तोड़े गए
वाराणसी, 21 जनवरी (आईएएनएस)। वाराणसी के चर्चित दालमंडी बाजार में बुधवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी रही। इसी क्रम में 8 मकानों को तोड़ा गया है। भारी पुलिस फोर्स की तैनाती के बीच ध्वस्तीकरण का कार्य किया जा रहा है। इस दौरान ड्रोन के जरिए इलाके में स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, पीडब्ल्यूडी और वाराणसी विकास प्राधिकरण की कार्रवाई में अब तक कुल 25 घरों को गिराया जा चुका है। इनमें से कई इमारतों के मालिकों ने सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट के लिए पीडब्ल्यूडी को प्रॉपर्टी बेचने की औपचारिकता पूरी कर ली है। 42 प्रॉपर्टी मालिक रजिस्ट्रेशन के लिए आए हैं।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में एसीपी अतुल अंजन ने कहा कि दालमंडी में आठ इमारतों को गिराने के लिए चुना गया था और इसके लिए कार्रवाई जारी है। जहां पहले घरों को तोड़ने का काम शुरू हुआ था, वह भी लगातार चल रहा है। नई सड़क पर भी मकानों के ध्वस्तीकरण का कार्य चल रहा है। यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए वहां ट्रैफिक पुलिस को तैनात किया गया है।
उन्होंने बताया कि ध्वस्तीकरण के बीच गलियों में लोगों की आवाजाही को रोका गया है। लगातार ड्रोन के जरिए मॉनिटरिंग हो रही है।
एसीपी अतुल अंजन ने जानकारी दी कि जिस भी मकान को ध्वस्त किया जाता है, इसके आसपास 100 मीटर के दायरे में सुरक्षा के मद्देनजर बैरिकेडिंग की जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि पूरी कार्रवाई के बीच 400 से अधिक जवानों की तैनाती की गई है। इसमें उत्तर प्रदेश पुलिस के अलावा पैरामिलिट्री भी शामिल है।
हालांकि, दालमंडी इलाके में स्थानीय लोग चौड़ीकरण का विरोध कर रहे हैं। कई स्थानीय लोगों ने अदालत के दरवाजे खटखटाए। चार महीनों में हाईकोर्ट में 115 केस दायर किए गए। हालांकि, इनमें से 94 खारिज कर दिए गए। लोक निर्माण विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर केके सिंह ने मंगलवार को बताया कि जब प्रोजेक्ट मंजूर हुआ, तो लोगों ने अपनी प्रॉपर्टी के मुआवजे के लिए कोर्ट का रुख किया। दायर किए गए 115 केसों में से 90 को अब हाईकोर्ट ने नियमों के अनुसार निपटाया है।
--आईएएनएस
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