'वंदे मातरम' बिल को सर्वसम्मति से पारित किया जाए, यह राष्ट्र सम्मान का विषय: शिवशरणप्पा वाली
बीदर, 17 जुलाई (आईएएनएस)। सरदार वल्लभभाई पटेल प्रतिष्ठान के अध्यक्ष शिवशरणप्पा वाली ने संसद के आगामी सत्र में प्रस्तावित 'वंदे मातरम बिल' को सभी दलों द्वारा सर्वसम्मति से पारित किए जाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल, जाति या पंथ का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के सम्मान और स्वाभिमान का विषय है। उन्होंने सभी सांसदों से पार्टी राजनीति से ऊपर उठकर इस विधेयक का समर्थन करने का आग्रह किया।
शिवशरणप्पा वाली ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि 'वंदे मातरम' स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा और इसी उद्घोष के साथ स्वतंत्रता सेनानियों ने आजादी की लड़ाई लड़ी। आजादी मिलने के बाद धीरे-धीरे इस गीत के सम्मान में कमी आई, इसके अपमान और इसमें बाधा डालने की घटनाएं सामने आती रहीं, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जानकारी मिली है कि संसद के 20 जुलाई से शुरू होने वाले सत्र में 'वंदे मातरम' के मान-सम्मान की रक्षा और इसके अपमान या इसमें बाधा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान करने वाला विशेष विधेयक लाया जा सकता है। इस पर उन्होंने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह पूरे देश के लिए सकारात्मक कदम है।
उन्होंने कहा कि इस विधेयक को किसी भी राजनीतिक दल के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। चाहे कांग्रेस हो, भाजपा हो, जेडीएस हो, समाजवादी पार्टी हो या कोई अन्य दल, 'वंदे मातरम' किसी पार्टी का नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र का गीत है। सभी जनप्रतिनिधियों को सिर ऊंचा करके इसका सम्मान करना चाहिए और संसद में इस विधेयक को एकमत से पारित करना चाहिए। यदि इस विधेयक का विरोध किया जाता है, तो इतिहास में यह दर्ज होगा कि किन नेताओं और किन राजनीतिक दलों ने इसका विरोध किया। उन्होंने दावा किया कि यदि कुछ लोग विरोध भी करते हैं, तब भी विधेयक पारित हो जाएगा, लेकिन उसका राजनीतिक और सार्वजनिक संदेश अलग होगा।
शिवशरणप्पा वाली ने कहा कि वह पूरे देश के सांसदों और राज्यसभा सदस्यों से अपील करते हैं कि वे इसे भाजपा या कांग्रेस का विधेयक न मानें, बल्कि राष्ट्रहित और राष्ट्रीय स्वाभिमान से जुड़ा विधेयक समझकर समर्थन दें। राजनीति और चुनाव के लिए कई अवसर होते हैं, लेकिन राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान के प्रश्न पर दलगत राजनीति नहीं होनी चाहिए। विशेष रूप से कांग्रेस का उल्लेख करते हुए, उन्होंने कहा कि देश की एक प्रमुख राष्ट्रीय पार्टी होने के नाते उसकी जिम्मेदारी अधिक है। यदि कांग्रेस और उसके नेता इस विधेयक का समर्थन करते हैं, तो यह राष्ट्रीय एकता का सकारात्मक संदेश होगा और इतिहास में भी इसे याद रखा जाएगा।
शिवशरणप्पा वाली ने केंद्र सरकार को इस तरह का विधेयक लाने की घोषणा के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस पहल का श्रेय सभी दलों को मिलना चाहिए, बशर्ते वे राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखते हुए इसका समर्थन करें। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से राष्ट्रगान और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और संसद में प्रस्तावित विधेयक को सर्वसम्मति से पारित करने की अपील की।
--आईएएनएस
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