वैश्विक मंच पर भारत का सम्मान बढ़ता है, कांग्रेस पार्टी के पेट में दर्द होने लगता : तुहिन सिन्हा
नई दिल्ली, 26 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे पर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि जब-जब भारत के लिए अच्छा होता है। देश के प्रधानमंत्री को सम्मान मिलता है तो कांग्रेस के पेट में दर्द शुरू हो जाता है।
उन्होंने गुरुवार को आईएएनएस से बातचीत में कहा कि हम सभी ने देखा है कि कैसे इजरायल में पीएम मोदी को वहां का सर्वोच्च सम्मान दिया गया, जिसे ‘स्पीकर ऑफ द सीनेट’ कहा जाता है। यह इजरायल का सर्वोच्च सम्मान है। इसके अलावा, उन्हें फिलिस्तीन का भी सर्वोच्च सम्मान प्राप्त है। वे अकेले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिन्हें दोनों देशों का सर्वोच्च सम्मान प्राप्त है। ऐसी स्थिति हमें बहुत कम ही देखने को मिलती है, जिसे कांग्रेस स्वीकार नहीं कर पा रही है।
उन्होंने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के पीएम मोदी की विदेश नीति पर सवाल उठाने पर कहा कि यह दुख की बात है कि पवन खेड़ा ने अपनी प्रेस वार्ता में कई तरह की अनर्गल बातें कही, जो पूरी तरह से गलत हैं। भारत और इजरायल के बीच काफी पहले ही संबंध प्रगाढ़ हो जाते, लेकिन अफसोस की बात है कि कांग्रेस के दोगलेपन की वजह से ऐसा नहीं हो पाया। इसी वजह से आज इस तरह की स्थिति पैदा हो रही है। इजरायल और फिलिस्तीन के बीच एक बात सामान्य है कि दोनों ही आतंकवाद से पीड़ित हैं, जिसका जिक्र प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपने संबोधन में किया था।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2023 में इजरायल पर हुए हमास हमले की निंदा की। लेकिन, गौर करने वाली बात है कि अभी तक कांग्रेस ने इसे आतंकवादी हमला नहीं माना है और ना ही इसकी आलोचना की है। जब-जब वैश्विक मंच पर भारत का सम्मान और स्वीकार्यता बढ़ता है, तो कांग्रेस पार्टी के पेट में दर्द होने लगता है।
भाजपा प्रवक्ता ने सोशल मीडिया मंच पर प्रधानमंत्री मोदी के बढ़ रहे प्रशंसकों की संख्या का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रशंसकों की संख्या में जिस तरह से सोशल मीडिया पर इजाफा दर्ज किया जा रहा है, वो निसंहेद काबिल-ए-तारीफ है। आमतौर पर किसी के भी प्रशंसकों की संख्या में बढ़ोतरी अभिनेता या किसी बड़े कलाकार की होती है। लेकिन, अब हमारे प्रधानमंत्री मोदी के प्रशंसकों की संख्या में भी अभूतपूर्व वृद्धि देखने को मिल रही है, जिसकी चौतरफा प्रशंसा की जा रही है। इससे यह भी साफ जाहिर हो रहा है कि चौतरफा किस तरह से प्रधानमंत्री मोदी की मान्यताओं को मान्यता मिल रही है। ऐसा इसलिए भी हो रहा है, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी आमतौर पर हर मंच पर देशहित में बात करते हैं। वो देशहित के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करते हैं। पिछले 20 सालों में जिस तरह से प्रधानमंत्री मोदी ने अपने प्रशंसकों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की है, वही उनकी पूंजी है।
--आईएएनएस
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