वैश्विक ईंधन संकट का असर, मिजोरम में सरकारी कामकाज का नया मॉडल लागू
आइजोल, 20 मई (आईएएनएस)। मिजोरम सरकार ने पश्चिम एशिया में चल रहे संकट और दुनिया भर में ईंधन की बढ़ती कीमतों को देखते हुए अर्थव्यवस्था और ईंधन बचाने के लिए कई अस्थायी उपायों की घोषणा की है। इन उपायों में सरकारी कर्मचारियों के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम करने) की व्यवस्था, ऑफिस के समय में बदलाव और सरकारी यात्राओं पर रोक शामिल है।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी एक ऑफिस मेमोरैंडम के अनुसार, ये उपाय प्रधानमंत्री की ईंधन बचाने और आर्थिक समझदारी दिखाने की अपील के बाद अपनाए गए हैं। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' में रुकावटों के कारण दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई पर असर पड़ रहा है। सरकार ने बताया कि भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है, जिससे देश अंतरराष्ट्रीय सप्लाई में रुकावटों और कीमतों में बढ़ोतरी के प्रति संवेदनशील हो जाता है।
नई गाइडलाइंस के तहत हर सरकारी विभाग में 20 प्रतिशत कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। इसमें मेडिकल और आपातकालीन सेवाओं, पानी और बिजली की सप्लाई, परिवहन, आपदा राहत और कानून-व्यवस्था से जुड़े विभागों को छूट दी गई है। विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे ड्यूटी रोस्टर तैयार करें, ताकि जनता को मिलने वाली सेवाएं बिना किसी रुकावट के जारी रहें।
सरकार ने आइजोल में विभागों के लिए ऑफिस के समय में भी बदलाव किया है, ताकि ट्रैफिक जाम और ईंधन की खपत को कम किया जा सके। विभागों का एक समूह सुबह 8:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक काम करेगा, जबकि दूसरा समूह सुबह 10:30 बजे से शाम 6:30 बजे तक काम करेगा।
एक अहम कदम के तौर पर अब हर बुधवार को 'कोई सरकारी गाड़ी नहीं' दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इसका मकसद सरकारी कर्मचारियों को पैदल चलने या सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करना है। मेमोरैंडम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का ज्यादा इस्तेमाल करने, वीआईपी काफिलों का आकार छोटा करने, विदेश और दूसरे राज्यों की सरकारी यात्राओं पर रोक लगाने और सरकारी दफ्तरों में बिजली बचाने के तरीकों को अपनाने की भी बात कही गई है।
राज्य सरकार ने विभागों को यह भी सलाह दी है कि इस दौरान वे औपचारिक कार्यक्रमों और मेहमाननवाजी पर होने वाले खर्च को कम से कम रखें। अधिकारियों ने बताया कि ये उपाय अस्थायी हैं और इनका मकसद दुनिया भर में चल रहे संकट के आर्थिक असर को कम करने के राष्ट्रीय प्रयासों में मदद करना है।
बाद में जारी एक अतिरिक्त नोट में यह साफ किया गया कि ये उपाय 21 मई से लागू होंगे।
--आईएएनएस
पीआईएम/डीकेपी
