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वैश्विक दक्षिण के विकास पर ध्यान देगा एनडीबी: दिल्मा रूसेफ

बीजिंग, 16 मई (आईएएनएस)। नव विकास बैंक (एनडीबी) की अध्यक्ष दिल्मा रूसेफ ने 15 मई को कहा कि एनडीबी दक्षिण-दक्षिण सहयोग को मजबूत करने के लिए सदस्य देशों की प्राथमिक चिंताओं पर ध्यान केंद्रित करेगा। साथ ही, बैंक सभी पक्षों को साझा विकास चुनौतियों के समाधान खोजने के लिए मिलकर काम करने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
 
वैश्विक दक्षिण के विकास पर ध्यान देगा एनडीबी: दिल्मा रूसेफ

बीजिंग, 16 मई (आईएएनएस)। नव विकास बैंक (एनडीबी) की अध्यक्ष दिल्मा रूसेफ ने 15 मई को कहा कि एनडीबी दक्षिण-दक्षिण सहयोग को मजबूत करने के लिए सदस्य देशों की प्राथमिक चिंताओं पर ध्यान केंद्रित करेगा। साथ ही, बैंक सभी पक्षों को साझा विकास चुनौतियों के समाधान खोजने के लिए मिलकर काम करने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

एनडीबी की 2026 वार्षिक बैठक 14 और 15 मई को मॉस्को में “तकनीकी क्रांति के युग में विकास वित्त” विषय के साथ आयोजित की गई। 15 मई को हुए उद्घाटन समारोह में रूसेफ़ ने कहा कि मौजूदा वैश्विक अर्थव्यवस्था कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। इनमें आर्थिक अस्थिरता, बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, एकतरफावाद, व्यापार युद्ध, वित्तीय अनिश्चितता और तेज तकनीकी बदलाव शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों का असर दुनिया भर के देशों पर पड़ रहा है।

रूसेफ के अनुसार, “ऐसी स्थिति में एनडीबी को तैयार रहना होगा, अपनी लचीलापन क्षमता बढ़ानी होगी और साझा सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। विश्वसनीय वित्तीय संसाधन आज सबसे बड़ी प्राथमिकता हैं।”

उद्घाटन समारोह में मिखाइल मिशुस्टिन ने वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में एनडीबी वैश्विक दक्षिण की वित्तीय व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरा है। उनके मुताबिक, एनडीबी में एक नवोन्मेषी अंतरराष्ट्रीय बैंक बनने की पूरी क्षमता मौजूद है। यह देशों को विकास की प्राथमिकताएं तय करने, बेहतर विकास मॉडल चुनने और शुरुआती से लेकर दीर्घकालिक निवेश तक के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने में मदद कर सकता है।

मिशुस्टिन ने कहा कि रूस लगातार एक निष्पक्ष और टिकाऊ वैश्विक वित्तीय प्रणाली की वकालत करता है, जिससे वैश्विक दक्षिण के देशों को अधिक अवसर मिल सकें।

बता दें कि एनडीबी का आधिकारिक उद्घाटन 21 जुलाई, 2015 को शांगहाई में हुआ था। यह ब्रिक्स देशों द्वारा संयुक्त रूप से स्थापित एक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्था है। इसका उद्देश्य ब्रिक्स देशों सहित उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों में बुनियादी ढांचा और सतत विकास परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन जुटाना है। साथ ही, यह बहुपक्षीय और क्षेत्रीय वित्तीय सहयोग के जरिए वैश्विक विकास में योगदान देने का प्रयास करता है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

--आईएएनएस

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