Aapka Rajasthan

वैध मतदाता वोट देने से वंचित रहेंगे तो जिम्मेदार ममता बनर्जी होंगी : संजय निरुपम

मुंबई, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर शिवसेना नेता संजय निरुपम ने दावा किया कि अगर कोई वैध मतदाता वोट देने से वंचित रहता है तो इसकी जिम्मेदार सीएम ममता बनर्जी होंगी।
 
वैध मतदाता वोट देने से वंचित रहेंगे तो जिम्मेदार ममता बनर्जी होंगी : संजय निरुपम

मुंबई, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर शिवसेना नेता संजय निरुपम ने दावा किया कि अगर कोई वैध मतदाता वोट देने से वंचित रहता है तो इसकी जिम्मेदार सीएम ममता बनर्जी होंगी।

मुंबई में आईएएनएस से बातचीत में शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कहा कि वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने के लिए चुनाव आयोग ने एसआईआर शुरू किया। लेकिन, टीएमसी प्रमुख और सीएम ममता बनर्जी ने आयोग के काम में बाधा डालने की कोशिश की, जिसकी वजह से अभी तक एसआईआर संपन्न नहीं हो पाया है और दूसरी तरफ बंगाल चुनाव के लिए मतदान की तारीख बहुत नजदीक आ चुकी है।

उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि सरकार को आयोग के काम में सहयोग करना चाहिए था। जिन वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं, उन्हें आपत्ति दर्ज कराने के लिए समय मिलना चाहिए था। क्योंकि, नुकसान वोटरों का हो रहा है, सही वोटर वोट देने से वंचित रहता है तो इसके लिए ममता बनर्जी जिम्मेदार होंगी।

केरल विधानसभा चुनाव को लेकर शिवसेना नेता ने कहा कि भाजपा तीसरी बड़ी शक्ति के तौर पर उभर रही है। भाजपा की वजह से कांग्रेस को नुकसान हो रहा है और एक बड़ा वोट बैंक भाजपा के साथ आ रहा है। मुझे लगता है कि तस्वीर बदल सकती है।

अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीजफायर को लेकर शिवसेना नेता ने कहा कि यह एक स्वागत योग्य कदम है। ईरान ने कहा है कि इस युद्धविराम से इजरायल को बाहर रखा जाए।

उन्होंने कहा कि भले ही दो सप्ताह के लिए ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर हुआ है, लेकिन इस घोषणा से दुनिया ने राहत की सांस ली है। अमेरिका ने जिस तरह से ईरान को डराया, वह झुकने को मजबूर कर रहा था। लेकिन, सीजफायर हुआ है तो यह अच्छी बात है। युद्ध किसी भी विवाद का समाधान नहीं हो सकता है।

महिला आरक्षण बिल को लेकर शिवसेना नेता ने कहा कि राजनीति में बहुत बड़ी क्रांति होने जा रही है, एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व होंगी। मैं सभी राजनीतिक दलों से अपील करता हूं कि वे इस सत्र में हिस्सा लें और 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले महिलाओं के लिए सदन और विधानसभा में सीटें बढ़नी चाहिए।

--आईएएनएस

डीकेएम/एबीएम