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उज्बेकिस्तान: ताशकंद में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर पीएम मोदी ने अर्पित किए पुष्प

ताशकंद, 30 अगस्त (आईएएनएस)। उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद स्थित पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री स्मारक पर रविवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने पुष्पांजलि अर्पित की।
 

ताशकंद, 30 अगस्त (आईएएनएस)। उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद स्थित पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री स्मारक पर रविवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने पुष्पांजलि अर्पित की।

विदेश मंत्रालय ने एक्स पोस्ट के जरिए जानकारी साझा की। लिखा, "प्रधानमंत्री मोदी ने भूतपूर्व पीएम लाल बहादुर शास्त्री के स्मारक पर पुष्प अर्पित किए। शास्त्री जी का जीवन सादगी, साहस और देश के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक है। उनका कालजयी नारा 'जय जवान, जय किसान' आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करता है।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 से 30 अगस्त 2026 तक उज्बेकिस्तान की राजकीय यात्रा पर हैं। शनिवार को ताशकंद हवाई अड्डे पर उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत किया। रविवार को उज्बेकिस्तान ने अपने सर्वोच्च राज्य सम्मान 'ओली दाराजली दोस्तलिक' ऑर्डर से सम्मानित किया।

मोदी-मिर्जियोयेव के बीच ताशकंद में द्विपक्षीय बैठक हुई। बैठक में भारत-उज्बेकिस्तान के बीच यूरेनियम सप्लाई पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, रक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, ऊर्जा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों पर द्विपक्षीय चर्चा की। वहीं, 2030 तक सालाना द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा। फिलहाल दोनों देशों के बीच व्यापार 1 अरब डॉलर से ज्यादा है।

बैठक के बाद पीएम ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि दोनों देश रक्षा क्षेत्र में सीधा सहयोग, मिलकर हथियारों का उत्पादन और नई तकनीक विकसित करेंगे। दोनों पक्षों ने माना है कि आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद दोनों के लिए गंभीर खतरा हैं, जिनके खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रखने पर सहमति बनाई है। दोनों पक्षों ने माना कि भारत और उज्बेकिस्तान के रिश्तों की मजबूत नींव साझी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत में निहित है।

दोपहर बाद पीएम मोदी ताशकंद स्थित भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की याद में बने स्मारक स्थल पहुंचे। आधिकारिक साइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, यह स्मारक ताशकंद के केंद्र में स्थित है, और इसके पास की सड़क का नाम भी 'शास्त्री स्ट्रीट' है। पूर्व प्रधानमंत्री का निधन 'ताशकंद समझौते' के अगले दिन 11 जनवरी 1966 को ताशकंद में ही हुआ था।

उनकी याद में 1976 में इस कांस्य प्रतिमा (बस्ट) और स्मारक का अनावरण किया गया था। इसे मशहूर उज्बेक मूर्तिकार याकोव शापिरो ने बनाया था। ताशकंद में लाल बहादुर शास्त्री सेंटर फॉर इंडियन कल्चर भी संचालित होता है, जो दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करता है।

उज्बेकिस्तान के बाद पीएम मोदी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक जाएंगे।

--आईएएनएस

केआर/