उत्तराखंड यूसीसी पास करने और लागू करने वाला पहला राज्य, दूसरे राज्य भी अपना रहे: महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव
हरिद्वार, 16 सितंबर (आईएएनएस)। देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच बहस जारी है। इसी बीच हरिद्वार में महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव ने यूसीसी को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड यूसीसी को पारित करने और लागू करने वाला पहला राज्य है तथा दूसरे राज्य भी इसे अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि इसमें गलत क्या है।
हरिद्वार में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए करौली शंकर महादेव ने राज्य सरकार के कामकाज की भी सराहना की।
आईएएनएस से बातचीत में महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक समर्पित और जिम्मेदार व्यक्ति हैं। जिन संकल्पों के साथ उन्होंने जनसेवा में कदम रखा था, उन्हें पूरा करने के लिए वे लगातार प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कई कड़े कानून बनाए और उन्हें लागू भी करवाया। वे सिर्फ कानून बनाकर नहीं रुके। उत्तराखंड यूनिफॉर्म सिविल कोड को पास करने और लागू करने वाला पहला राज्य है और इसे सख्ती से लागू किया जा रहा है। दूसरे राज्य भी इस मॉडल को अपना रहे हैं।
करौली शंकर महादेव ने कहा कि राज्य में दंगा और धर्मांतरण से संबंधित कड़े कानून बनाए गए हैं और उन्हें लागू किया जा रहा है। यदि दंगों में किसी तरह की सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचता है तो उसकी भरपाई जिम्मेदार लोगों से कराने की व्यवस्था पर भी काम किया गया है।
उन्होंने अतिक्रमण विरोधी अभियान का जिक्र करते हुए इसे ‘लैंड जिहाद’ के खिलाफ कार्रवाई बताया। इस अभियान के तहत पहाड़ी और अन्य इलाकों में करीब 20 हजार एकड़ जमीन खाली कराई गई है। सरकार ने लोककल्याण के साथ-साथ सभी वर्गों के लिए भी काम किया है। उत्तराखंड एक छोटा राज्य है, लेकिन यह बहुत शानदार और अपनी परंपराओं को निभाने वाला राज्य है। उन्होंने सभी की धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया, क्योंकि यह देवभूमि है। धार्मिक भावनाओं का ध्यान रखने के साथ-साथ सरकार ने लोगों के रोजगार और आजीविका से जुड़े मुद्दों पर भी काम करने का प्रयास किया है। मुख्यमंत्री धामी ने राज्य के विकास के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए काम किया है।
महामंडलेश्वर ने कहा कि मैं देखता हूं कि इस राज्य की तरक्की में, दूसरे साथियों के मुकाबले, धामी ने अपने कार्यकाल में जो काम किया है, वह बेमिसाल है। उन्होंने असाधारण काम किया है। किसी की भी धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचने दी और देवभूमि को उसकी पवित्रता के अनुरूप संवारने का काम किया।
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