उत्तराखंड सरकार के आदेश का विनोद बंसल ने किया स्वागत, कहा- नमाज के नाम पर नहीं होगा शक्ति प्रदर्शन
नई दिल्ली, 22 मई (आईएएनएस)। विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने उत्तराखंड सरकार के उस फैसले का स्वागत किया, जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर बकरीद के दौरान नमाज न पढ़ने को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह एक सही और समय की मांग के अनुसार लिया गया निर्णय है, क्योंकि सार्वजनिक जगहों का इस्तेमाल धार्मिक प्रदर्शन या बाधा पैदा करने के लिए नहीं होना चाहिए।
विनोद बंसल ने कहा कि आज देश के अंदर एक तरह की जागरूकता आई है, जिसमें लोग कानून का पालन करने के लिए अधिक सजग हुए हैं और सरकारें भी इस दिशा में सख्त कदम उठा रही हैं।
उन्होंने उत्तराखंड सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि वहां पहले से ही सख्त कानून मौजूद हैं और अब इस तरह के निर्देशों से यह साफ होता है कि सरकार सार्वजनिक व्यवस्था को लेकर गंभीर है। उन्होंने कहा कि ना आप नमाज के नाम पर शक्ति प्रदर्शन कर सकते हैं, ना ही आप यातायात के लिए बनी सड़कों को बाधित करके वहां जिहादी अड्डे बना सकते हैं।
विनोद बंसल ने कहा कि नमाज के लिए पहले से ही मस्जिद और मदरसे जैसे स्थल हैं, इसलिए सार्वजनिक सड़कों पर नमाज पढ़ना उचित नहीं है। उन्होंने कहा, "यह देश भर में कहीं भी नहीं होना चाहिए। मुसलमानों के पास इतनी संपत्ति है कि वे जितने मुसलमान नहीं हैं, उससे ज्यादा उनके पास संपत्ति है।"
उन्होंने कहा, "ये लोग कहते हैं कि जहां एक बार नमाज हो जाती है, जहां एक बार मस्जिद बन जाती है, वह अल्लाह का घर होता है, तो क्या आप यह कहना चाहते हैं कि जहां पर भी आप रोड पर नमाज पढ़ेंगे और उसको वक्फ संपत्ति घोषित कर देंगे?"
उन्होंने गौ हत्या के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी और कहा कि देश के कई हिस्सों में यह पहले से ही प्रतिबंधित है और अब समाज में इस विषय को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकारें भी इस दिशा में सख्त कदम उठा रही हैं और कानून का पालन सुनिश्चित कर रही हैं।
विनोद बंसल ने आगे कहा कि कुछ लोग बकरीद के नाम पर या अन्य अवसरों पर गौवंश से जुड़े मुद्दों को लेकर विवाद पैदा करते हैं, जो सही नहीं है। उन्होंने कहा कि देश की परंपरा में गाय को माता का दर्जा दिया गया है और संविधान में भी इसके संरक्षण की बात कही गई है।
उन्होंने कहा कि कानून का सम्मान सभी को करना चाहिए, वरना समाज में तनाव बढ़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भाईचारे की बात तभी संभव है जब सभी लोग एक-दूसरे की आस्था और भावनाओं का सम्मान करें।
--आईएएनएस
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