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उत्तराखंड : रामनगर में हाथी के हमले से महिला घायल, लोगों में दहशत का माहौल

रामनगर, 11 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तराखंड के रामनगर क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष एक बार फिर सामने आया है। शनिवार देर शाम रिहायशी इलाके के पास एक महिला पर टस्कर हाथी ने हमला कर दिया, जिसके बाद आसपास के लोगों में दहशत फैल गई।
 
उत्तराखंड : रामनगर में हाथी के हमले से महिला घायल, लोगों में दहशत का माहौल

रामनगर, 11 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तराखंड के रामनगर क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष एक बार फिर सामने आया है। शनिवार देर शाम रिहायशी इलाके के पास एक महिला पर टस्कर हाथी ने हमला कर दिया, जिसके बाद आसपास के लोगों में दहशत फैल गई।

वहीं, घटना की गंभीरता को देखते हुए रविवार को रामनगर वन प्रभाग की कोसी रेंज के वन कर्मियों ने रेंज अधिकारी शेखर तिवारी की मौजूदगी में ग्रामीणों को साथ लेकर संयुक्त रूप से हांका अभियान चलाया और हाथी को गांव से दूर जंगल की ओर खदेड़ा। ग्रामीणों के अनुसार यह टस्कर हाथी डेढ़ दांत का है और पिछले कई दिनों से लगातार आबादी की ओर रुख कर रहा था। हाथी के बार-बार गांव के आसपास दिखाई देने से लोग भयभीत थे। वन विभाग द्वारा पहले भी हाथी को जंगल की ओर खदेड़ने के प्रयास किए गए, लेकिन इसके बावजूद हाथी दोबारा आबादी की तरफ लौट आता था।

देर शाम टेड़ा गांव की सीमा देवी महिला पर हुए हमले के बाद स्थिति और गंभीर हो गई, जिसके चलते वन विभाग ने तत्काल सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया।

सुबह रामनगर वन प्रभाग की कोसी रेंज की टीम ने रेंज अधिकारी शेखर तिवारी के नेतृत्व में गांव के आसपास मोर्चा संभाला। ग्रामीणों को भी साथ लेकर एक बड़ा संयुक्त हांका अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हवाई फायरिंग भी की गई ताकि हाथी को डराकर जंगल की ओर भगाया जा सके।

वन कर्मियों और ग्रामीणों के सहयोग से हाथी को लगभग 5 से 10 किलोमीटर अंदर तक जंगल में खदेड़ दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि हाथी के लगातार आबादी की ओर आने से जान-माल का खतरा बना हुआ था, इसलिए वन विभाग के साथ मिलकर संयुक्त प्रयास करना जरूरी हो गया था।

ग्रामीणों ने वन विभाग से स्थायी समाधान की मांग करते हुए कहा कि हाथी की नियमित निगरानी की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया। विभाग का प्रयास है कि हाथी दोबारा आबादी की ओर न आए और जंगल में ही सुरक्षित रहे। इसके लिए लगातार गश्त, निगरानी और जरूरत पड़ने पर हांका अभियान चलाया गया।

वन विभाग ने ग्रामीणों से भी अपील की है कि हाथी के दिखाई देने पर अकेले उसे भगाने का प्रयास न करें, बल्कि तुरंत वन विभाग को सूचना दें। साथ ही रात के समय सतर्क रहने और समूह में रहने की सलाह दी गई है। विभाग का कहना है कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकना उनकी प्राथमिकता है और इसके लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।

--आईएएनएस

एमएस/