उत्तराखंड: रामनगर में डंपर के भीतर पेट्रोमैक्स जलाकर हाथ सेक रहे चाचा-भतीजे की दम घुटने से मौत
रामनगर, 11 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तराखंड के रामनगर से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां ठंड से बचने के लिए डंपर वाहन के अंदर पेट्रोमैक्स जलाकर सोए चाचा-भतीजे की दम घुटने से मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। वहीं, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के संभल जिले के रहने वाले मोहम्मद इरफान और मोहम्मद इकरार (चाचा-भतीजे) डंपर वाहन के चालक थे। दोनों शनिवार को संभल से रामनगर के ग्राम पीरुमदारा स्थित एक स्टोन क्रेशर में उपखनिज सामग्री लेने के लिए आए थे। रविवार तड़के करीब 5 बजे दोनों ने 18 टायरा डंपर में क्रेशर से उपखनिज सामग्री लोड की और वाहन को बाहर खड़ा कर दिया।
सुबह के समय कड़ाके की ठंड होने के कारण दोनों डंपर के केबिन के अंदर ही बैठ गए। ठंड से बचाव के लिए उन्होंने पेट्रोमैक्स जलाया और वाहन के शीशे बंद कर लिए। इसी दौरान पेट्रोमैक्स से निकलने वाली गैस के कारण दोनों बेहोश हो गए और उन्हें इसका कोई अंदाजा नहीं लग पाया। दोपहर के समय जब साथ में मौजूद अन्य लोगों ने दोनों को आवाज दी, तो अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
शक होने पर डंपर के शीशे तोड़े गए, तो देखा गया कि दोनों अंदर बेहोशी की हालत में पड़े हुए थे। आनन-फानन में मोहम्मद इरफान और मोहम्मद इकरार को बाहर निकालकर रामनगर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल की चिकित्सक डॉ. कृतिका ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर दोनों की मौत दम घुटने से हुई प्रतीत हो रही है। वहीं, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। उधर, मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के भाई कासिम ने बताया कि दोनों मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे और इस तरह की घटना ने पूरे परिवार को तोड़ कर रख दिया है।
फिलहाल पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और सभी पहलुओं से मामले की जांच की जा रही है।
--आईएएनएस
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