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उत्तराखंड: पिथौरागढ़ में पेट्रोल-डीजल को लेकर स्थिति सामान्य, प्रशासन की सख्ती का दिखा असर

पिथौरागढ़, 23 मई (आईएएनएस)। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में पेट्रोल और डीज़ल को लेकर बनी अफरातफरी अब धीरे-धीरे खत्म होती नजर आ रही है। जिला प्रशासन की सख्ती और लगातार निगरानी के बाद पेट्रोल पंपों पर हालात सामान्य होने लगे हैं। पहले जहां पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लग रही थीं, वहीं अब लोगों को आसानी से पेट्रोल और डीज़ल मिल रहा है।
 
उत्तराखंड: पिथौरागढ़ में पेट्रोल-डीजल को लेकर स्थिति सामान्य, प्रशासन की सख्ती का दिखा असर

पिथौरागढ़, 23 मई (आईएएनएस)। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में पेट्रोल और डीज़ल को लेकर बनी अफरातफरी अब धीरे-धीरे खत्म होती नजर आ रही है। जिला प्रशासन की सख्ती और लगातार निगरानी के बाद पेट्रोल पंपों पर हालात सामान्य होने लगे हैं। पहले जहां पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लग रही थीं, वहीं अब लोगों को आसानी से पेट्रोल और डीज़ल मिल रहा है।

बीते दिनों जिले में पेट्रोल और डीज़ल की उपलब्धता को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति बन गई थी। इसके चलते कई लोग जरूरत से ज्यादा तेल भरवाने लगे थे, जिससे पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ और लंबी लाइनें देखने को मिल रही थीं। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया था कि जिले में पेट्रोल और डीज़ल की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। प्रशासन ने लोगों से अपील की कि वे केवल आवश्यकता के अनुसार ही पेट्रोल और डीज़ल भरवाएं और जमाखोरी से बचें। साथ ही पेट्रोल पंप संचालकों को भी सख्त निर्देश दिए गए कि बिना किसी जरूरी कारण के डिब्बों में पेट्रोल-डीज़ल न दिया जाए। प्रशासन का कहना है कि पेट्रोल और डीज़ल अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ हैं और डिब्बों में तेल भरने से हादसों का खतरा बढ़ सकता है।

जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई द्वारा जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि अगर कोई पंप संचालक ऊंचे दामों पर बेचने के उद्देश्य से तेल की जमाखोरी करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर पेट्रोल पंप को सील भी किया जा सकता है।

इसके अलावा प्रशासन ने पेट्रोल और डीज़ल की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने, जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने तथा पंपों पर भीड़ और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक समिति का गठन किया है। इस समिति में संबंधित उपजिलाधिकारी को अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि पुलिस विभाग, पूर्ति विभाग, तहसील प्रशासन और परिवहन विभाग के अधिकारियों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। समिति नियमित रूप से निगरानी करेगी और नियमों का पालन सुनिश्चित करेगी।

प्रशासन की सख्ती का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। पेट्रोल पंपों पर भीड़ कम हो गई है और लोगों को बिना परेशानी ईंधन मिल रहा है। जिला प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल-डीज़ल लेने की अपील की है।

--आईएएनएस

एसएचके/पीएम