उत्तराखंड में 297.37 करोड़ रुपए से 9 सड़कें होंगी चौड़ी, सीएम धामी ने केंद्र का जताया आभार
नई दिल्ली, 13 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तराखंड में सड़क कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की कि राज्य में 235.42 किलोमीटर लंबी 9 सड़कों को चौड़ा और सुदृढ़ करने के लिए 297.37 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है। यह काम सेंट्रल रोड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड यानी सीआरआईएफ के तहत किया जाएगा।
नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा, "उत्तराखंड सीआरआईएफ के तहत उत्तराखंड में कुल 235.42 किलोमीटर लंबी 9 सड़कों को चौड़ा और मजबूत करने के कामों के लिए 297.37 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।"
इस मंजूरी के बाद उत्तराखंड के दूरदराज और पहाड़ी इलाकों में यात्रा आसान होने की उम्मीद है। मानसून और सर्दियों में बंद होने वाली कई सड़कें अब बेहतर गुणवत्ता के साथ बनाई जाएंगी, जिससे आवागमन में सुविधा होगी और आपातकालीन सेवाओं की पहुंच भी तेज होगी।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घोषणा पर केंद्र सरकार का आभार जताया। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की प्रतिबद्धता से उत्तराखंड कनेक्टिविटी के क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।"
उन्होंने आगे लिखा, "निश्चित रूप से इस मंजूरी से राज्य में सड़क कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। पहाड़ी इलाकों में यात्रा आसान होने के साथ-साथ, इससे पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। उत्तराखंड की विकास यात्रा को लगातार गति देने के लिए हार्दिक धन्यवाद।"
सीएम धामी ने कहा कि बेहतर सड़कें राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देंगी। चारधाम यात्रा, हेमकुंड साहिब और अन्य धार्मिक स्थलों तक श्रद्धालुओं की पहुंच सुगम होगी। इसके अलावा स्थानीय उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में भी मदद मिलेगी, जिससे किसानों और छोटे व्यापारियों को सीधा लाभ होगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के विजन का हिस्सा है। पहाड़ी राज्यों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। सीआरआईएफ के तहत स्वीकृत ये 9 सड़कें न केवल यातायात को सुगम बनाएंगी बल्कि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेंगी।
--आईएएनएस
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