Aapka Rajasthan

उत्तराखंड: हल्द्वानी में किसान आत्महत्या मामले में सीबीआई जांच की मांग

हल्द्वानी, 11 जनवरी (आईएएनएस)। हल्द्वानी के काठगोदाम थाना क्षेत्र में रविवार को एक होटल के कमरे में काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह ने अपने परिवार के साथ आत्महत्या का प्रयास किया। हालांकि उनका परिवार बच गया, लेकिन सुखवंत सिंह की मौत हो गई। काशीपुर स्थित उनके आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा हुआ है। इस दौरान उनके आवास पर किसान नेता जितेंद्र सिंह जीतू पहुंचे और मीडिया के माध्यम से शोक व्यक्त किया तथा पूरे मामले में मृतक सुखवंत के द्वारा जारी की गई वीडियो में सीबीआई जांच की मांग की।
 
उत्तराखंड: हल्द्वानी में किसान आत्महत्या मामले में सीबीआई जांच की मांग

हल्द्वानी, 11 जनवरी (आईएएनएस)। हल्द्वानी के काठगोदाम थाना क्षेत्र में रविवार को एक होटल के कमरे में काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह ने अपने परिवार के साथ आत्महत्या का प्रयास किया। हालांकि उनका परिवार बच गया, लेकिन सुखवंत सिंह की मौत हो गई। काशीपुर स्थित उनके आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा हुआ है। इस दौरान उनके आवास पर किसान नेता जितेंद्र सिंह जीतू पहुंचे और मीडिया के माध्यम से शोक व्यक्त किया तथा पूरे मामले में मृतक सुखवंत के द्वारा जारी की गई वीडियो में सीबीआई जांच की मांग की।

आपको बताते चलें कि आत्महत्या से पहले बनाई गई वीडियो में सुखवंत सिंह ने बताया कि वह काशीपुर के पैगा गांव का रहने वाला है। उसने बताया कि काशीपुर निवासी अमरजीत सिंह, गुरविंदर सिंह, आशीष, जाहिर हुसैन सहित अन्य लोगों ने उसे बक्सौरा गांव में 7 एकड़ जमीन दिलवाई, लेकिन रजिस्ट्री किसी दूसरी जमीन की करा दी। आरोप है कि इस पूरे सौदे में उससे 4 करोड़ रुपए ले लिए गए।

सुखवंत ने वीडियो में यह भी कहा कि उसने इस मामले की शिकायत उधम सिंह नगर पुलिस से की थी, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई और उसे न्याय नहीं मिला। सुखवंत ने यह आत्मघाती कदम तब उठाया जब वह अपने परिवार के साथ नैनीताल घूमने आया था। वापसी के दौरान उसने काठगोदाम थाना क्षेत्र के पास एक होटल में कमरा लिया, जहां देर रात उसने आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले किसान सुखवंत सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उसने आरोप लगाया कि काशीपुर के एक गिरोह ने जमीन के नाम पर उसके साथ करीब 4 करोड़ रुपए की ठगी की है। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

मृतक सुखवंत सिंह की आत्महत्या करने के बाद उसकी मौत की खबर मिलते ही उसके घर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लग गया। वहीं, मृतक के घर पहुंचे किसान नेता जितेंद्र सिंह जीतू ने कहा कि आज इंसानियत की मौत हुई है। अपने हक का पैसा लेने के लिए भागते-भागते पूरी तरह से हार चुके एक किसान ने आत्महत्या कर ली।

उन्होंने कहा कि आत्महत्या करने से पहले बनाई गई वीडियो में जिस तरह से किसान सुखवंत सिंह ने कहा कि "मेरे और मेरे बच्चों की मौत के बाद हमारे शरीर के अंगों को बेचकर यह पैसा उधम सिंह नगर जिले के एसपी मणिकांत मिश्रा और आईटीआई थाने के थाना अध्यक्ष कुंदन सिंह रौतेला तथा पहले चौकी के पुलिस वालों को दे देना, जिससे कि उनके परिवार का भरण पोषण हो सके," यह कथन बहुत ही दुखद है।

उन्होंने कहा कि फ्रॉड करने वालों ने तो फ्रॉड कर लिया, लेकिन उसको सुधारने के लिए जो सिस्टम है, वह नष्ट हो जाता है और सुकांत जैसे किसान आत्महत्या कर लेते हैं, तो इंसानियत की भी रूह कांप जाती है। उन्होंने कहा कि गनीमत रही कि सुखवंत की पत्नी और बच्चे बच गए, नहीं तो यह क्षेत्र मुंह दिखाने के काबिल नहीं रहता।

--आईएएनएस

एमएस/