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उत्तराखंड: दयारा बुग्याल में लापता महिला ट्रैकर की तलाश तेज, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की अभियान में शामिल

उत्तरकाशी, 6 जून (आईएएनएस)। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के भटवाड़ी क्षेत्र स्थित दयारा बुग्याल में लापता हुई महिला ट्रैकर बबीता पांडेय की तलाश लगातार जारी है।
 
उत्तराखंड: दयारा बुग्याल में लापता महिला ट्रैकर की तलाश तेज, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की अभियान में शामिल

उत्तरकाशी, 6 जून (आईएएनएस)। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के भटवाड़ी क्षेत्र स्थित दयारा बुग्याल में लापता हुई महिला ट्रैकर बबीता पांडेय की तलाश लगातार जारी है।

महिला के लापता होने के आठ दिन बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिलने पर जिला प्रशासन ने खोज अभियान को तेज कर दिया है। अब नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की विशेषज्ञ टीम को भी अभियान में शामिल किया गया है, ताकि दुर्गम क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से तलाश की जा सके।

जानकारी के अनुसार, रामनगर निवासी बबीता पांडेय 29 मई को दयारा बुग्याल ट्रैक पर गई थीं। ट्रैकिंग के दौरान वह रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गईं। घटना की सूचना मिलने के बाद से जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य एजेंसियां लगातार उनकी तलाश में जुटी हुई हैं। हालांकि एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक महिला का कोई पता नहीं चल सका है।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशन में खोज और बचाव अभियान लगातार चलाया जा रहा है। प्रशासन ने विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित कर व्यापक स्तर पर तलाशी अभियान शुरू किया है। दयारा बुग्याल का क्षेत्र ऊंचे पहाड़ों, घने जंगलों, गहरी खाइयों और कठिन ट्रैकिंग मार्गों के कारण काफी चुनौतीपूर्ण माना जाता है। ऐसे में खोज अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की प्रशिक्षित टीम को भी मौके पर भेजा गया है। टीम ने क्षेत्र में पहुंचकर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।

महिला ट्रैकर की तलाश में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, पुलिस विभाग, वन विभाग, राजस्व विभाग तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की त्वरित प्रतिक्रिया टीम समेत कई एजेंसियां संयुक्त रूप से अभियान चला रही हैं। विभिन्न टीमें संभावित ट्रैकिंग मार्गों, जंगलों, नदी-नालों, गहरी खाइयों और अन्य दुर्गम इलाकों में लगातार खोजबीन कर रही हैं।

प्रशासन का कहना है कि खोज अभियान में किसी भी तरह की कमी नहीं छोड़ी जा रही है और उपलब्ध सभी संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। अभियान की लगातार निगरानी की जा रही है तथा आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी लगाए जा रहे हैं।

उधर, बबीता पांडेय के परिजन उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं। लंबे समय से चल रहे इस खोज अभियान पर पूरे क्षेत्र की नजर बनी हुई है। स्थानीय लोग और प्रशासनिक अधिकारी भी उम्मीद जता रहे हैं कि संयुक्त प्रयासों से जल्द ही महिला ट्रैकर के बारे में कोई महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकेगी।

--आईएएनएस

एसएचके/एबीएम