उत्तर प्रदेश में अब भूमि विभाजन और ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा
लखनऊ, 11 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार जमीन, नामांतरण, पैमाइश, बंटवारे और अन्य राजस्व मामलों का निस्तारण तय समय में सुनिश्चित करने के लिए लगातार आवश्यक कदम उठा रही है। ऐसे में राजस्व परिषद में ऑनलाइन सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। सीएम योगी के निर्देश पर डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए आवेदन से लेकर निस्तारण तक की प्रक्रिया को ट्रैक करने की व्यवस्था की जा रही है।
इसी के तहत राजस्व परिषद द्वारा शुक्रवार को धारा 116 पोर्टल, ईडब्ल्यूएस पोर्टल और सरलीकृत खतौनी का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर ट्रेनी पीसीएस अधिकारी भी मौजूद रहे। राजस्व परिषद की अध्यक्ष अर्चना अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ आमजन मानस को राजस्व संबंधी सेवाओं को आसानी तक पहुंचाने के लिए काफी गंभीर हैं। ऐसे में सीएम योगी की मंशा के अनुरूप इन तीन नए पोर्टल का उद्देश्य आम लोगों को राजस्व से जुड़ी सेवाओं के लिए अनावश्यक भागदौड़ और कागजी प्रक्रिया से राहत देना है। साथ ही भूमि संबंधी मामलों में पारदर्शिता बढ़ाने, अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 116 के तहत भूमि विभाजन से जुड़े मामलों के लिए नया पोर्टल शुरू किया गया है। अब सह-खातेदार भूमि के विभाजन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इससे लोगों को विभाजन का वाद दाखिल करने के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी। आवेदन के बाद नोटिस और उद्घोषणा की प्रक्रिया भी डिजिटल माध्यम से संचालित की जा सकेगी। संबंधित लेखपाल की रिपोर्ट भी पोर्टल पर उपलब्ध होगी। इससे मामले की प्रगति को अलग-अलग स्तरों पर देखा और मॉनिटर किया जा सकेगा। पोर्टल में गूगल मैप की सुविधा भी जोड़ी गई है। इसके माध्यम से भूमि की वास्तविक भौगोलिक स्थिति को देखा जा सकेगा और मौके से जुड़े विवरण को समझने में आसानी होगी।
इससे न्यायालय और राजस्व विभाग के फील्ड स्तर के अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। धारा 116 के तहत सह-खातेदार द्वारा होल्डिंग के विभाजन का वाद किया जा सकता है। ऐसे मामलों में खतौनी, संबंधित अभिलेख और भूमि के नक्शे की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। नया डिजिटल सिस्टम इन सभी प्रक्रियाओं को तकनीक के माध्यम से अधिक सरल और पारदर्शी बनाने में मदद करेगा। इससे भूमि विभाजन से जुड़े मामलों के निस्तारण में तेजी आने की उम्मीद है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी ईडब्ल्यूएस के नागरिकों के लिए भी प्रक्रिया को आसान बनाया गया है।
नए ईडब्ल्यूएस पोर्टल के माध्यम से पात्र नागरिक अब ईडब्ल्यूएस प्रमाण-पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन करने के बाद प्रकरण को लेखपाल और तहसीलदार स्तर पर ऑनलाइन भेजा जाएगा। संबंधित अधिकारी भी पोर्टल के माध्यम से प्रकरण का निस्तारण कर सकेंगे। आवेदन किस स्तर पर है और उसकी प्रगति क्या है, इसकी जानकारी डिजिटल माध्यम से दर्ज और मॉनिटर की जा सकेगी। इस व्यवस्था से कागजी प्रक्रिया कम होगी और नागरिकों को प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए अनावश्यक रूप से अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। साथ ही आवेदन के निस्तारण में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
राजस्व परिषद की ओर से खतौनी को भी आम नागरिकों के लिए अधिक सरल और उपयोगी बनाया गया है। सरलीकृत खतौनी का उद्देश्य भूमि अभिलेखों में मौजूद जटिलताओं को कम करना और लोगों को जमीन से संबंधित जानकारी आसानी से उपलब्ध कराना है। अब खतौनी में भूमि का क्षेत्रफल छह दशमलव स्थानों तक प्रदर्शित किया जाएगा। इससे जमीन के क्षेत्रफल की जानकारी अधिक सटीक तरीके से उपलब्ध होगी। विशेष रूप से छोटे भूखंडों और भूमि से जुड़े मामलों में इससे लोगों को अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। इसके अलावा खतौनी में अभिलेखागार से संबंधित पुराने आदेशों और पुराने बंधक आदेशों की जानकारी भी व्यवस्थित रूप से उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इससे नागरिकों और राजस्व अधिकारियों को जमीन के पुराने स्वामित्व रिकॉर्ड और उससे जुड़े आदेशों को समझने में सुविधा होगी।
राजस्व परिषद द्वारा तीन नए पोर्टल की लांचिंग के दौरान ट्रेनी पीसीएस ऑफिसर भी मौजूद रहे। इस दौरान उन्हें रोवर तकनीक के माध्यम से आधुनिक एवं सटीक भूमि मापन की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में परिषद की अध्यक्ष अर्चना अग्रवाल ने ट्रेनी पीसीएस ऑफिर्स को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्व प्रशासन का सीधा संबंध आम नागरिक और उसके भूमि संबंधी अधिकारों से है। अतः तकनीक एवं नवाचार का उद्देश्य केवल प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण नहीं, बल्कि नागरिकों की समस्याओं का सरल, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना होना चाहिए। उन्होंने युवा अधिकारियों से संवेदनशीलता, निष्पक्षता एवं जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने और तकनीक का अधिकतम उपयोग करने का आह्वान किया।
--आईएएनएस
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