यूपी: जनगणना 2027 पूरी तरह डिजिटल, छह लाख कर्मचारी होंगे तैनात: मुख्य सचिव
लखनऊ, 5 जनवरी (आईएएनएस)। जनगणना-2027 को समयबद्ध, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक में स्पष्ट किया गया कि आगामी जनगणना का पूरा संचालन डिजिटल माध्यम से होगा और इसके लिए प्रदेशभर में लगभग छह लाख कार्मिक तैनात किए जाएंगे।
मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में सोमवार को राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति (एसएलसीसीसी) की द्वितीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनगणना-2027 के सफल, सुचारु और प्रभावी संचालन को लेकर विस्तृत चर्चा करते हुए कई अहम निर्णय लिए गए। मुख्य सचिव ने जनगणना की सभी तैयारियों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने, विभागों के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करने और डिजिटल संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने जनगणना कार्मिकों के लिए प्रभावी प्रशिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने और उपयुक्त प्रशिक्षकों के चयन के निर्देश दिए। इस मौके पर निर्णय लिया गया कि जनगणना-2027 के प्रथम चरण यानी हाउस लिस्टिंग एवं आवास जनगणना (एचएलओ) का क्षेत्रीय कार्य मई–जून 2026 के दौरान कराया जाएगा। इस चरण में लगभग छह लाख कार्मिकों की तैनाती की जाएगी। आंकड़ों का संग्रहण, प्रविष्टि, सत्यापन और अनुश्रवण पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया जाएगा, जिससे कार्य में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित हो सके।
समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार राज्य की सभी प्रशासनिक इकाइयां 31 दिसंबर 2025 की स्थिति के अनुसार स्थिर रहेंगी। 1 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2027 तक किसी भी प्रशासनिक इकाई के क्षेत्राधिकार में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग को राज्य नोडल विभाग नामित किया गया है, जो राजस्व, गृह, शिक्षा, नगर विकास और पंचायती राज समेत सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करेगा।
इस बैठक में जनगणना पदाधिकारियों की नियुक्ति, जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समितियों (डीएलसीसी) के गठन, तकनीकी सहायता, वित्तीय मानदंड और कार्मिकों के मानदेय से जुड़े विषयों पर भी निर्णय लिए गए। समिति ने 28 अक्टूबर 2025 को हुई पिछली बैठक के निर्देशों की समीक्षा की। बुलंदशहर, बहराइच और प्रयागराज के चयनित ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में आयोजित प्री-टेस्ट-2027 (हाउस लिस्टिंग ऑपरेशंस) के सफल आयोजन पर संतोष व्यक्त किया गया और प्राप्त फीडबैक को कार्ययोजना में शामिल करने का निर्णय लिया गया।
निदेशक (जनगणना कार्य) उत्तर प्रदेश, शीतल वर्मा ने जनगणना-2027 की प्रक्रिया, समय-सीमा और कार्ययोजना पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि जनगणना के द्वितीय चरण में जाति गणना की जाएगी तथा पहली बार नागरिकों को स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। जनगणना-2027 का पूरा संचालन डिजिटल माध्यम से किया जाएगा।
-- आईएएनएस
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