अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की घोषणा के बाद बाजार की धमाकेदार शुरुआत, सेंसेक्स और निफ्टी 1.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ हरे निशान में खुले
मुंबई, 15 जून (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ शांति समझौते की घोषणा के बाद जोखिम भावना को बढ़ावा मिलने से हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार शानदार बढ़त के साथ हरे निशान में खुला। इस बीच, बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 में 1.4 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देखने को मिली।
सेंसेक्स ने सत्र की शुरुआत लगभग 1,200 अंकों या 1.6 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,725.27 पर की, जबकि निफ्टी लगभग 360 अंकों या 1.53 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,984.85 पर खुला।
खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स 1,089.96 अंकों यानी 1.44 प्रतिशत की तेजी के साथ 76,617.91 पर कारोबार कर रहा था, तो वहीं निफ्टी 50 341.45 (1.45 प्रतिशत) अंकों की बढ़त के साथ 23,964.35 पर ट्रेड कर रहा था।
व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1.4 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.5 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली।
वहीं सेक्टरवार देखें तो निफ्टी मेटल में 3.61 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी में 2.3 प्रतिशत, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 2.3 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो में 2.2 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके साथ ही, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 1.9 प्रतिशत, निफ्टी ऑयल एंड गैस में 1.9 प्रतिशत और निफ्टी पीएसयू बैंक में 1.4 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली। जबकि निफ्टी फार्मा और निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई।
निफ्टी इंडेक्स में 5 शेयरों को छोड़कर बाकी सभी शेयर हरे निशान में ट्रेड कर रहे थे। श्रीराम फाइनेंस, इंडिगो, इटरनल, टीएमपीवी, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस और एलएंडटी के शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की गई।
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन और तेहरान एक शांति समझौते पर सहमत हो गए हैं, जिससे पश्चिम एशिया में चार महीने से चल रहे युद्ध का अंत होगा, जिसमें हजारों लोग मारे गए और वैश्विक अर्थव्यवस्था में उथल-पुथल मच गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और ईरान दोनों ने सभी मोर्चों पर सैन्य अभियान तत्काल समाप्त करने की घोषणा की है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, "ईरान के साथ समझौता अब पूरा हो गया है। मैं इसके द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी रोक-टोक के खोलने की पूर्ण रूप से अनुमति देता हूं और साथ ही साथ संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा लगाए गए नौसैनिक अवरोध को तत्काल हटाने की भी अनुमति देता हूं।"
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट से भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजारों के लिए बेहतर संभावनाएं पैदा हुई हैं।
एक विशेषज्ञ ने कहा, "पश्चिम एशिया में शांति की शुरुआत और उसके परिणामस्वरूप शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड की कीमत में 84 डॉलर से नीचे की भारी गिरावट के साथ, भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार के लिए संभावनाएं बेहतर हो गई हैं। इस बदले हुए परिदृश्य में वित्त वर्ष 2027 के लिए जीडीपी वृद्धि दर और सीपीआई मुद्रास्फीति के अनुमानों को संशोधित करके क्रमशः 6.9 प्रतिशत और 4.6 प्रतिशत किया जा सकता है। इसका शेयर बाजार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।"
कमोडिटी के मोर्चे पर, अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड लगभग 5 प्रतिशत गिरकर 83.05 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड 5.74 प्रतिशत गिरकर लगभग 80 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इससे निवेशकों का मनोबल बढ़ा क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते से ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण जलमार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य खुल जाएगा।
--आईएएनएस
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