सज्जन कुमार को रोल मॉडल बताने पर कांग्रेस में घमासान, कुलदीप शर्मा ने दीपेंद्र हुड्डा को हटाने की मांग की
नई दिल्ली, 23 अगस्त (आईएएनएस)। कांग्रेस के भीतर सज्जन कुमार की तारीफ करने पर बयानबाजी तेज हो गई है। हरियाणा के पूर्व विधायक और विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने कांग्रेस अध्यक्ष को पत्र लिखकर सांसद दीपेंद्र हुड्डा को सीडब्ल्यूसी से हटाने की मांग की है। इसके बाद दिल्ली सरकार में मंत्री मजिंदर सिंह सिरसा ने इस मुद्दे पर गांधी परिवार पर निशाना साधा।
कुलदीप शर्मा ने अपने पत्र में लिखा कि जब से सीडब्ल्यूसी के स्थायी सदस्य दीपेंद्र हुड्डा ने स्वर्गीय सज्जन कुमार की तारीफ करते हुए उन्हें रोल मॉडल बताया है, तब से भारत के सिख समुदाय में नाराजगी फैल गई है। हरियाणा और पंजाब में उनके सिख दोस्तों ने फोन करके इस गैर-जिम्मेदाराना बयान पर गुस्सा जाहिर किया है।
उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के बाद देश भर में सिख समुदाय ने बड़ी संख्या में कांग्रेस को वोट दिया था, लेकिन ऐसे बयान के बाद अब यह समुदाय कांग्रेस का समर्थन करने पर फिर से सोच रहा है। विपक्षी पार्टियां राजनीतिक फायदे के लिए इस मुद्दे को उठा रही हैं। पंजाब में जल्द चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में इस बयान ने पार्टी के हितों को नुकसान पहुंचाया है और समुदाय के पुराने जख्मों को फिर से हरा कर दिया है।
कुलदीप शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने पहले ही सज्जन कुमार से पूरी तरह दूरी बना ली थी, इसलिए जनता को भरोसा दिलाने और पार्टी की नेक नीयत साबित करने के लिए दीपेंद्र हुड्डा को सीडब्ल्यूसी से हटा देना चाहिए। ऐसे अपरिपक्व बयानों ने कांग्रेस को कमजोर किया है।
भाजपा नेता और मंत्री मजिंदर सिंह सिरसा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस पत्र को शेयर किया। उन्होंने कुलदीप शर्मा को सिखों के प्रति सहानुभूति दिखाने के लिए धन्यवाद तो कहा, लेकिन इसके लिए गांधी परिवार को जिम्मेदार ठहराया।
सिरसा ने लिखा, "सिख दंगों के आरोपी को 'हीरो' और 'आइकन' के तौर पर पेश करना किसी एक नेता का बयान नहीं, बल्कि गांधी परिवार और कांग्रेस की सोची-समझी नीति है। यह गांधी परिवार आज के दौर के 'नाजी हिटलर' जैसा व्यवहार कर रहा है। दुनिया में हिटलर ही एकमात्र ऐसा व्यक्ति था, जिसने यहूदियों के हत्यारों को इनाम दिया और उन्हें ऊंचे पदों पर बिठाया। ठीक उसी तरह गांधी परिवार ने कमलनाथ, सज्जन कुमार, जगदीश टाइटलर और एचकेएल भगत जैसे लोगों को बड़े-बड़े पदों से सम्मानित किया है। सिखों के प्रति नफरत और उनके हत्यारों को सबसे ऊंचे पदों पर बिठाना ही इस परिवार की असलियत है।"
--आईएएनएस
एससीएच/डीकेपी
