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यूपी सरकार ने राजनीतिक दिखावे पर सबसे ज्यादा पैसा खर्च किया: अखिलेश यादव

नई दिल्ली, 12 अगस्त (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी ने मंगलवार को केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से लेकर सांसद डिंपल यादव, इकरा हसन और जियाउर रहमान बर्क ने संसद परिसर में सरकार की नीतियों और संसद में गतिरोध को लेकर सवाल उठाए।
 

नई दिल्ली, 12 अगस्त (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी ने मंगलवार को केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से लेकर सांसद डिंपल यादव, इकरा हसन और जियाउर रहमान बर्क ने संसद परिसर में सरकार की नीतियों और संसद में गतिरोध को लेकर सवाल उठाए।

सपा प्रमुख और सांसद अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में बने एक्सप्रेसवे पर गड्ढे होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "आप भी जानते हैं कि उत्तर प्रदेश ने राजनीतिक दिखावे पर सबसे ज्यादा पैसा खर्च किया है। अब क्या मुद्दा उठाया गया है? खबर है कि एक्सप्रेसवे पर 80 गड्ढे हो गए हैं। उस सड़क की लागत कितनी थी? यह 63 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे है, जिसकी लागत 4,000 करोड़ रुपए से ज्यादा है। यह छह-लेन और आठ-लेन वाली सड़क है। इसे समाजवादी पार्टी के कार्यकाल के बाद बनाया गया था, और इसे देश के शुरुआती एक्सप्रेसवे में से एक बताया जा रहा है। क्या हुआ? खबर है कि 4,000 करोड़ की लागत वाली सड़क अगले ही दिन धंस गई।"

सपा सांसद डिंपल यादव ने सरकार के रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "हमें यह समझना होगा कि इस सरकार में किसी के भी प्रति विनम्रता, समझदारी और संवेदनशीलता नहीं है, चाहे वे छात्र हों, देश के युवा हों, किसान हों या फिर देश के सैनिक हों, और हमने बार-बार देखा है कि सरकार किस सोच के साथ काम कर रही है।"

सांसद इकरा हसन ने संसद में हंगामे के लिए गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, "अगर अमित शाह सदन में आते और खुद अपनी बात रखते तो मुझे लगता है कि यह पूरा विवाद खत्म हो जाता। अगर वे चाहते तो पहले दिन से ही सदन को चलने दे सकते थे। संसद चलाने में देश के नागरिकों का जो पैसा खर्च हुआ, वह बच सकता था और कार्यवाही बेहतर ढंग से हो सकती थी, लेकिन उनकी जिद और मनमाने रवैये के कारण सदन ठीक से नहीं चल पाया।"

सपा सांसद जियाउर रहमान बर्क ने भी सदन में चर्चा की मांग की। उन्होंने कहा, "चर्चा तभी हो सकती है जब गृह मंत्री उसमें शामिल हों। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी कहा कि दोपहर 2 बजे गृह मंत्री अपने मंत्रालय से जुड़े बिल पर चर्चा में शामिल होने के लिए सदन में नहीं आए। हमारी मुख्य मांग यह है कि दोनों मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। सरकार सिर्फ एक मुद्दे पर अपना पक्ष रखना चाहती है और दूसरे से बचना चाहती है, जो सही नहीं है।"

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी