यूपी में सरकारी इमारतों, अस्पतालों और पुलिस लाइन्स में एलपीजी की जगह पीएनजी, हाईराइज भवनों में भी कनेक्शन बढ़ाने पर जोर
लखनऊ, 6 नवंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने अब सरकारी भवनों, अस्पतालों, पुलिस लाइन्स और शासकीय कॉलोनियों में एलपीजी सिलेंडर की जगह पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने की तैयारी तेज कर दी है। इसके साथ ही प्रदेश की हाईराइज इमारतों में भी पीएनजी कनेक्शन का विस्तार किया जाएगा।
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने शुक्रवार को इस संबंध में अधिकारियों को लंबित अनुमतियों और अनापत्तियों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने तथा नए कनेक्शन जारी करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में प्रदेश में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क के विस्तार और पीएनजी कनेक्शनों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए गठित राज्य स्तरीय समिति की बैठक हुई। इसमें उन्होंने कहा कि प्रदेश में सीजीडी नेटवर्क का विस्तार और पीएनजी कनेक्शनों की संख्या बढ़ाना शासन की प्राथमिकता है।
इसके लिए संबंधित विभागों, जिला प्रशासन और गैस वितरण कंपनियों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि सीजीडी कंपनियों के लंबित आवेदनों पर संबंधित विभाग शीर्ष प्राथमिकता से जरूरी अनुमतियां और अनापत्तियां जारी करें। सभी विभाग अपने कार्यक्षेत्र में गैस वितरण कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक औपचारिकताएं जल्द पूरी करें, ताकि पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार में अनावश्यक देरी न हो।
मुख्य सचिव ने गैस वितरण कंपनियों को भी निर्देश दिए कि जिला प्रशासन और संबंधित प्राधिकारियों की ओर से जारी डिमांड नोट, प्रतिभूति धनराशि जमा कराने और अन्य औपचारिकताओं से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करें। इनकी अद्यतन स्थिति नोडल एजेंसी जीजीएल को उपलब्ध कराई जाए। कंपनियां अपने निर्धारित क्षेत्रों में अधिक से अधिक घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक पीएनजी कनेक्शन पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाएं।
मुख्य सचिव ने प्रदेश के नगर विकास प्राधिकरणों और नगर निकायों के अंतर्गत आने वाली हाईराइज इमारतों में पीएनजी कनेक्शन का दायरा बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) और भवन स्वामियों के समूहों के साथ बैठकें कर उन्हें पीएनजी कनेक्शन अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इसके लिए जिलाधिकारियों, विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों और नगर निगम आयुक्तों के लक्ष्य निर्धारित कर समयबद्ध कार्ययोजना बनाई जाए।
पीएनजी कनेक्शन स्थापित होने के बाद संबंधित उपभोक्ताओं के एलपीजी कनेक्शन समर्पित कराने की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए। मुख्य सचिव ने छूट प्राप्त श्रेणी (एक्जेम्प्टेड कैटेगरी) के अंतर्गत आने वाले पुलिस, अर्द्धसैनिक बलों और शैक्षणिक संस्थानों में एलपीजी सिलेंडरों के स्थान पर पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने की कार्रवाई प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। इसके अलावा राज्य संपत्ति विभाग के अधीन सभी सरकारी भवनों और गेस्ट हाउसों, जिलाधिकारी परिसरों, पुलिस लाइन्स, अस्पतालों, शासकीय कॉलोनियों और अन्य सरकारी अतिथि गृहों में भी पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
उन्होंने जिला स्तरीय समितियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जनपदों में पीएनजी कनेक्शन स्थापित करने की प्रगति की नियमित समीक्षा करें। संबंधित अधिकारी निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप काम सुनिश्चित करने के साथ विभागों और गैस वितरण कंपनियों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखें। बैठक में केंद्र सरकार की ओर से शुरू किए गए पीएनजी ड्राइव-3.0 के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई।
इसके तहत नए पीएनजी कनेक्शन जारी करने के साथ निष्क्रिय पड़े कनेक्शनों को दोबारा सक्रिय करने और नए कनेक्शनों का पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने संबंधित जिलों और विभागों को अभियान के निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप सभी जरूरी कार्रवाई समयसीमा के भीतर पूरी करने को कहा।
--आईएएनएस
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