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यूपी विधानसभा चुनाव 2027: 2022 में बहराइच की सात सीटों में से चार पर भाजपा को मिली थी जीत, दो सपा के खाते में

नई दिल्ली, 1 नवंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव की तारीखें भले ही अभी दूर हों लेकिन प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है। सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी चुनावी रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं। एक तरफ भारतीय जनता पार्टी लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश करेगी। वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) समेत विपक्षी दल सत्ता परिवर्तन की उम्मीद के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में आने वाला विधानसभा चुनाव प्रदेश की राजनीति के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
 

नई दिल्ली, 1 नवंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव की तारीखें भले ही अभी दूर हों लेकिन प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है। सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी चुनावी रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं। एक तरफ भारतीय जनता पार्टी लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश करेगी। वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) समेत विपक्षी दल सत्ता परिवर्तन की उम्मीद के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में आने वाला विधानसभा चुनाव प्रदेश की राजनीति के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।

इसी चुनावी सरगर्मी के बीच आज हम आपको बहराइच जिले की सात विधानसभा सीटों के राजनीतिक इतिहास, पिछले चुनाव के परिणाम और सियासी समीकरणों के बारे में बता रहे हैं। बहराइच जिले में बलहा, नानपारा, मटेरा, महसी, बहराइच, पयागपुर और कैसरगंज विधानसभा सीटें हैं। आइए, जानते हैं बहराइच जिले की सातों विधानसभा सीटों का चुनावी इतिहास और 2022 के चुनाव में किस प्रत्याशी को कितने वोट मिले थे।

बलहा विधानसभा सीट पर वर्ष 2022 के चुनाव में भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच मुकाबला देखने को मिला था। भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार सरोज सोनकर ने इस सीट पर जीत हासिल की थी। उन्हें कुल 1,00,483 वोट मिले थे। वहीं, उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी समाजवादी पार्टी के अक्षयबर नाथ कनौजिया को 83,910 वोट प्राप्त हुए। इस तरह सरोज सोनकर ने 16,573 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। बसपा के उम्मीदवार रामचंद्र 15,578 वोट हासिल कर तीसरे स्थान पर रहे। बलहा सीट पर चुनावी मुकाबला मुख्य रूप से भाजपा और सपा के बीच रहा। चुनाव के दौरान विकास कार्य, रोजगार, स्थानीय समस्याएं, कानून-व्यवस्था और जातीय समीकरण चर्चा के प्रमुख विषय रहे। सरोज सोनकर की जीत ने जिले में भाजपा की स्थिति को मजबूत किया।

बहराइच सदर विधानसभा सीट पर वर्ष 2022 में भाजपा की अनुपमा जायसवाल और समाजवादी पार्टी के यासर शाह के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। इस चुनाव में अनुपमा जायसवाल ने 1,07,628 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी सपा के यासर शाह को 1,03,550 वोट मिले। दोनों प्रत्याशियों के बीच जीत का अंतर महज 4,078 वोट रहा। इस तरह अनुपमा जायसवाल ने बेहद करीबी मुकाबले में जीत हासिल की। इस सीट पर बसपा के नईम 10,299 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे जबकि कांग्रेस के रईस अहमद को 3,275 वोट मिले।

बहराइच सदर सीट पर भाजपा और सपा के बीच सीधी टक्कर थी। चुनाव के दौरान विकास, शहरी सुविधाएं, सड़क, रोजगार, कानून-व्यवस्था और स्थानीय जनसमस्याएं प्रमुख मुद्दों में शामिल रहे। कम अंतर से मिली जीत ने इस सीट को जिले की सबसे चर्चित सीटों में शामिल कर दिया था।

बहराइच जिले की नानपारा विधानसभा सीट पर वर्ष 2022 के चुनाव में भाजपा की सहयोगी पार्टी अपना दल (एस) ने जीत दर्ज की थी। अपना दल (एस) के उम्मीदवार रामनिवास वर्मा ने समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी माधुरी वर्मा को हराया था। रामनिवास वर्मा को कुल 87,689 वोट मिले जबकि माधुरी वर्मा को 75,505 मत प्राप्त हुए। इस तरह रामनिवास वर्मा ने 12,184 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। इस सीट पर बहुजन समाज पार्टी के हकीकत अली को 17,949 वोट मिले जबकि कांग्रेस के एएम सिद्दीकी को 2,150 वोट प्राप्त हुए।

नानपारा विधानसभा सीट का जिले की राजनीति में विशेष महत्व रहा है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का इस क्षेत्र से विशेष जुड़ाव बताया जाता था। वह जब भी बहराइच जिले के दौरे पर आते थे, नानपारा जाना नहीं भूलते थे। वर्ष 2022 के चुनाव में अपना दल (एस) की जीत ने यह स्पष्ट किया कि जिले में भाजपा गठबंधन की चुनावी स्थिति मजबूत थी। आने वाले विधानसभा चुनाव में इस सीट पर गठबंधन और विपक्ष के बीच मुकाबला दिलचस्प रहने की संभावना है।

मटेरा विधानसभा सीट पर वर्ष 2022 के चुनाव में समाजवादी पार्टी ने जीत हासिल की थी। सपा की उम्मीदवार मारिया ने भाजपा के अरुण वीर सिंह को पराजित किया था। मारिया को कुल 1,02,255 वोट मिले जबकि भाजपा के अरुण वीर सिंह को 91,827 मत प्राप्त हुए। दोनों प्रत्याशियों के बीच जीत का अंतर 10,428 वोट रहा। वहीं, बसपा के आकिब उल्ला खां 8,918 वोट हासिल कर तीसरे स्थान पर रहे। मटेरा विधानसभा सीट वर्ष 2008 में हुए परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी। इस सीट पर पहला विधानसभा चुनाव वर्ष 2012 में हुआ। वर्ष 2012 और 2017 के दोनों विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी।

खास बात यह रही कि वर्ष 2017 में जब प्रदेश में भाजपा की लहर थी और बहराइच जिले की सात में से छह सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल की थी, तब भी मटेरा सीट समाजवादी पार्टी के खाते में गई थी। वर्ष 2022 में भी सपा ने यहां अपनी जीत का सिलसिला जारी रखा।

महसी विधानसभा सीट पर वर्ष 2022 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया था। भाजपा के उम्मीदवार सुरेश्वर सिंह ने समाजवादी पार्टी के कृष्ण कुमार ओझा (केके ओझा) को बड़े अंतर से हराया था। सुरेश्वर सिंह को कुल 1,17,883 वोट मिले जबकि सपा के कृष्ण कुमार ओझा को 75,199 मत प्राप्त हुए। इस तरह सुरेश्वर सिंह ने 42,684 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की। इस सीट पर बसपा के दिनेश कुमार शुक्ला 10,651 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे जबकि कांग्रेस के जय प्रकाश मिश्रा को 4,830 वोट मिले।

महसी सीट पर भाजपा की जीत का अंतर जिले की अन्य सीटों के मुकाबले काफी अधिक रहा। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने इस सीट पर जीत हासिल की थी। इस तरह पार्टी ने 2022 में भी अपना दबदबा कायम रखा। महसी विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीण आबादी, किसानों की समस्याएं, स्थानीय विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाएं चुनावी मुद्दों में शामिल रहे। वर्ष 2027 के चुनाव में भी इन मुद्दों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

पयागपुर विधानसभा सीट पर भी वर्ष 2022 के चुनाव में भाजपा ने जीत दर्ज की थी। भाजपा के उम्मीदवार सुभाष त्रिपाठी ने समाजवादी पार्टी के मुकेश श्रीवास्तव को पराजित किया था। सुभाष त्रिपाठी को कुल 1,10,162 वोट मिले जबकि सपा के मुकेश श्रीवास्तव को 98,106 वोट प्राप्त हुए। दोनों प्रत्याशियों के बीच जीत का अंतर 12,056 वोट रहा।

इस सीट पर बसपा की गीता 11,232 वोट हासिल कर तीसरे स्थान पर रहीं। वहीं, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के बिलाल अंसारी को 3,586 वोट मिले। पयागपुर में मुख्य मुकाबला भाजपा और सपा के बीच देखने को मिला। चुनाव के दौरान स्थानीय विकास, सड़क, रोजगार, किसानों की समस्याएं और सामाजिक समीकरण प्रमुख मुद्दे रहे।

कैसरगंज विधानसभा सीट पर वर्ष 2022 के चुनाव में समाजवादी पार्टी ने जीत दर्ज की थी। सपा के उम्मीदवार आनंद यादव ने भाजपा के गौरव वर्मा को 7,711 वोटों के अंतर से हराया था। इस चुनाव में सपा ने भाजपा के कब्जे वाली सीट पर जीत हासिल कर राजनीतिक समीकरण बदल दिए थे। कैसरगंज विधानसभा सीट कैसरगंज लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। इस सीट का राजनीतिक महत्व भी काफी अधिक है। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में कैसरगंज लोकसभा सीट से भाजपा के करण भूषण सिंह ने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार भारत राम मिश्रा को 1,48,843 वोटों के बड़े अंतर से हराया था।

इस तरह यहां पर विधानसभा और लोकसभा चुनाव के परिणामों में अलग-अलग राजनीतिक दलों को सफलता मिली। वर्ष 2022 में सपा ने कैसरगंज विधानसभा सीट पर जीत हासिल की थी जबकि 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने इस संसदीय क्षेत्र पर अपना कब्जा बरकरार रखा।

--आईएएनएस

एसएके/पीएम