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यूपी एसटीएफ और आगरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कुख्यात बदमाश पवन उर्फ कल्लू की मौत

लखनऊ, 28 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश एसटीएफ की नोएडा यूनिट और आगरा पुलिस की संयुक्त टीम की कार्रवाई में कुख्यात इनामी बदमाश पवन उर्फ कल्लू की मौत हो गई है।
 
यूपी एसटीएफ और आगरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कुख्यात बदमाश पवन उर्फ कल्लू की मौत

लखनऊ, 28 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश एसटीएफ की नोएडा यूनिट और आगरा पुलिस की संयुक्त टीम की कार्रवाई में कुख्यात इनामी बदमाश पवन उर्फ कल्लू की मौत हो गई है।

27 फरवरी 2026 को थाना एकता क्षेत्र में एसटीएफ की नोएडा यूनिट और आगरा पुलिस की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए कुख्यात इनामी बदमाश को मुठभेड़ में घायल कर गिरफ्तार किया था। मुठभेड़ के दौरान बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

अस्पताल में पवन उर्फ कल्लू की मौत हो गई। बदमाश की पहचान पवन उर्फ कल्लू, पुत्र संतराम, निवासी सिरौली, थाना लोनी, जनपद गाजियाबाद के रूप में हुई है।

पवन कमिश्नरेट आगरा के थाना ताजगंज में दर्ज रंगदारी के एक मामले में वांछित था और उस पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार पवन, शासन द्वारा चिन्हित कुख्यात रणदीप भाटी - अमित कसाना गैंग का सक्रिय शूटर था।

उस पर हत्या के चार और रंगदारी के दो समेत कुल 18 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक वर्ष 2021 में हत्या के एक मामले में उस पर एक लाख रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था। उस समय उसे दिल्ली से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

जेल में रहने के दौरान वह हरियाणा के कुख्यात हिमांशु भाऊ गैंग के संपर्क में आ गया। वर्ष 2025 में जेल से रिहा होने के बाद उसने बड़े पैमाने पर रंगदारी मांगना शुरू कर दिया था। पुलिस को आशंका है कि वह इस गैंग के साथ मिलकर दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बड़ी वारदातों को अंजाम देने की फिराक में था।

मुठभेड़ के दौरान बदमाश के पास से भारी मात्रा में कारतूस और असलहे बरामद किए गए हैं। खास बात यह है कि मौके से बरामद 9 एमएम पिस्टल वर्ष 2016 में थाना बिसरख, गौतमबुद्ध नगर क्षेत्र में एक कांस्टेबल मोनू धीमन से लूटी गई थी। उस समय कांस्टेबल एडीजे की पीएसओ ड्यूटी में तैनात थे। इस संबंध में थाना बिसरख में केस नंबर 247/16, धारा 279/337/392/427 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज है।

--आईएएनएस

एएमटी/डीएससी