यूपी में ईवी चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार की तैयारी, मुख्य सचिव ने विभागों से मांगी भूमि की सूची
लखनऊ, 14 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना के तहत सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क तेजी से विकसित करने की दिशा में सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने सभी विभागों और प्राधिकरणों को अपने नियंत्रणाधीन भूमि और सार्वजनिक स्थलों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापना के लिए उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित बैठक में प्रदेश में सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए भूमि उपलब्ध कराने की समीक्षा की गई। बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना उत्तर प्रदेश में स्वच्छ, हरित और सतत परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभागों और प्राधिकरणों के समन्वित प्रयासों से आधुनिक सार्वजनिक ईवी चार्जिंग अवसंरचना का तेजी से विकास किया जाए, ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा मिले और आम नागरिकों को सुलभ चार्जिंग सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने कार्यालय परिसरों, उपलब्ध सरकारी भूमि और अन्य उपयुक्त सार्वजनिक स्थलों का सर्वेक्षण कर ईवी चार्जिंग स्टेशन के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान करें और उनका विवरण निर्धारित प्रारूप में यूपी रिन्यूएबल एंड ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (यूपीआरईवी) को उपलब्ध कराएं। मुख्य सचिव ने कहा कि विभागीय कार्यालय परिसर, नगर निकायों के पार्किंग स्थल, औद्योगिक क्षेत्र, लॉजिस्टिक पार्क, विकास प्राधिकरणों की उपलब्ध भूमि तथा राज्य राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर स्थित उपयुक्त स्थलों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित किया जाए।
उन्होंने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और विभागों के बीच बेहतर समन्वय के लिए राज्य और जिला स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक संभावित स्थल का पूरा पता, फोटोग्राफ, अक्षांश, देशांतर और उपलब्ध भूमि का क्षेत्रफल स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाए। साथ ही विभागों और प्राधिकरणों से अतिरिक्त उपयुक्त स्थलों की भी पहचान कर उनका विवरण उपलब्ध कराने को कहा गया, ताकि प्रदेश में सार्वजनिक ईवी चार्जिंग नेटवर्क का व्यापक विस्तार सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में बताया गया कि शहरी क्षेत्रों में ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए लगभग 400 से 600 वर्ग फुट तथा राज्य राजमार्गों और एक्सप्रेसवे कॉरिडोर पर लगभग 3,000 वर्ग फुट भूमि उपयुक्त मानी गई है। बैठक में यह भी कहा गया कि सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ने से इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा, प्रदूषण में कमी आएगी और प्रदेश में स्वच्छ एवं हरित परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
--आईएएनएस
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