यूपी चुनाव में सपा को नहीं मिलेगी सफलता, भाजपा जीतेगी 350 से ज्यादा सीट: नंद किशोर गुर्जर
गाजियाबाद, 12 सितंबर (आईएएनएस)। भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के भाजपा में टिकट कटने की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए पार्टी की टिकट चयन प्रक्रिया का बचाव किया। उन्होंने कहा कि भाजपा में टिकट देने का फैसला सर्वे और उम्मीदवार के कामकाज के आधार पर होता है। इसके साथ ही उन्होंने आजम खान से मुकदमे वापस लेने संबंधी अखिलेश यादव के बयान को लेकर भी सपा पर तीखा हमला बोला और कई गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए।
भाजपा विधायकों के टिकट कटने संबंधी अखिलेश यादव के बयान पर नंद किशोर गुर्जर ने कहा कि भाजपा के टिकट को लेकर अखिलेश यादव को चिंता करने की जरूरत नहीं है। पार्टी में उम्मीदवारों के कामकाज का सर्वे कराया जाता है और अच्छा काम करने वाले विधायकों को दोबारा चुनाव लड़ने का मौका दिया जाता है। यदि कोई विधायक जनता के लिए काम नहीं कर रहा है तो उसका टिकट क्यों बरकरार रखा जाए। भाजपा में उम्मीदवार चयन का आधार सुशासन और प्रदर्शन है। उन्होंने सपा की टिकट प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वहां उम्मीदवार चयन में अलग तरह के मानदंड अपनाए जाते हैं।
भाजपा विधायक ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा 350 से अधिक सीटें जीत सकती है। उन्होंने अखिलेश यादव के राजनीतिक प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सपा अध्यक्ष को भाजपा की चिंता करने के बजाय अपनी पार्टी की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।
अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस और उनके आक्रामक तेवरों पर भी गुर्जर ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को अखिलेश यादव से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन उनके मुताबिक सपा सरकार के फैसलों और राजनीतिक रुख के कारण पार्टी को नुकसान हुआ। गुर्जर ने अखिलेश यादव पर राजनीतिक रूप से परेशान होने का आरोप लगाते हुए कहा कि 2017 से सपा सत्ता से बाहर है। साथ ही, यह भी दावा किया कि 2027 के चुनाव में भी सपा को बड़ी सफलता नहीं मिलेगी।
अखिलेश यादव के सत्ता में आने पर आजम खान से जुड़े मुकदमों को वापस लेने संबंधी बयान पर नंद किशोर गुर्जर ने सपा की नीति पर सवाल उठाए। भाजपा विधायक ने कहा कि आजम खान के खिलाफ चल रहे मामलों का फैसला न्यायिक प्रक्रिया के तहत होना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति पर गंभीर आरोप हैं तो जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही फैसला होना चाहिए। सपा सरकार के दौरान कुछ मामलों में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया गया। सपा पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने दावा किया कि सपा सरकार के दौरान कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक मामलों में सरकार का रवैया पक्षपातपूर्ण रहा।
गुर्जर ने अखिलेश यादव से सवाल किया कि यदि वह पिछड़े और दलित समाज के हितों की बात करते हैं तो अलग-अलग आपराधिक घटनाओं और पीड़ित परिवारों के मामलों में उनकी प्रतिक्रिया समान क्यों नहीं रही। वहीं, भाजपा सरकार की पुलिस कार्रवाई का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपराध के मामलों में कार्रवाई की है और पीड़ित परिवारों की मदद भी की है। वहीं उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने कुछ मामलों में पीड़ितों के समर्थन में पर्याप्त आवाज नहीं उठाई।
नंद किशोर गुर्जर ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता अब राजनीतिक दलों के दावों और उनके पुराने फैसलों को समझती है। सोशल मीडिया के दौर में लोग नेताओं के पुराने बयान और राजनीतिक फैसलों को भी याद रखते हैं। सपा की राजनीति अब जनता के बीच प्रभाव खो रही है और आने वाले चुनाव में भाजपा को इसका फायदा मिलेगा। भाजपा का जोर कानून-व्यवस्था, विकास और सुशासन पर है, जबकि उनके मुताबिक सपा को अपने राजनीतिक रुख और नेतृत्व को लेकर आत्ममंथन करने की जरूरत है। भाजपा विधायक दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को बड़ी जीत मिलेगी और पार्टी 350 से अधिक सीटों के आंकड़े तक पहुंच सकती है।
--आईएएनएस
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