यूपी चुनाव 2027: सुल्तानपुर की चार सीटों पर भाजपा मजबूत, इसौली पर सपा की पकड़; जानें सियासी गणित
नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। यूपी चुनाव 2027 को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने अपनी कमर कस ली है और एक-एक विधानसभा सीट को लेकर खींचतान तेज हो गई है। ऐसे में सुल्तानपुर जिला और भी खास हो जाता है, क्योंकि इसके अंतर्गत पांच विधानसभा सीटें इसौली (187), सुल्तानपुर (188), सदर (189), लम्भुआ (190) और कादीपुर-एससी (191) आती हैं।
सुल्तानपुर जिले के भौगोलिक परिदृष्य की बात करें तो जिले का कुल क्षेत्रफल 2672.89 वर्ग किलोमीटर है और यहां की कुल जनसंख्या 24 लाख 31 हजार 490 है। जिले की मुख्य भाषा हिंदी है। प्रशासनिक दृष्टि से जिले में कुल 1765 ग्राम, 15 विकास खंड और 5 तहसीलें हैं। जनपद की उत्तरी सीमा पर फैजाबाद एवं अम्बेडकरनगर, उत्तर पश्चिम में बाराबंकी, पूरब में जौनपुर व आजमगढ़, पश्चिम में अमेठी व दक्षिण में प्रतापगढ़ स्थित है।
जनपद में बहने वाली गोमती नदी प्राकृतिक दृष्टि से जनपद को दो भागों में बांटती है। गोमती नदी उत्तर-पश्चिम के समीप इस जिले में प्रवेश करती है और टेढ़ी-मेढ़ी बहती हुई दक्षिण पूर्व द्वारिका के निकट जौनपुर में प्रवेश करती है। इसके अतिरिक्त यहां गभड़िया नाला, मझुई नाला, जमुरया नाला और भटगांव ककरहवा, सोभा महोना आदि झीलें हैं।
जनपद की भूमि मुख्य रूप से मटियार है। प्रशासनिक दृष्टि से जनपद सुल्तानपुर पांच तहसील, सदर, बल्दीराय, जयसिंहपुर, कादीपुर और लंभुआ में बंटा है और 14 विकास खंड; अखंड नगर, दोस्तपुर, करौंदी कला, कादीपुर, मोतिगरपुर, जयसिंहपुर, कुरेभार, प्रतापपुर कमैचा, लंभुआ, भदैंया, दूबेपुर, धनपतगंज, कुड़वार व बल्दीराय हैं।
ऐतिहासिक दृष्टि से जनपद सुल्तानपुर का अतीत अत्यंत गौरवशाली और महिमामंडित रहा है। पुरातात्विक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, भौगोलिक और औद्योगिक दृष्टि से सुल्तानपुर का अपना विशिष्ट स्थान है। महर्षि वाल्मीकि, दुर्वासा, वशिष्ठ आदि ऋषि मुनियों की तपोस्थली का गौरव इसी जिले को प्राप्त है।
सुल्तानपुर जिले की पांच विधानसभा सीटों के पिछले चुनाव परिणाम की बात करें तो 2022 में चार सीटों पर भाजपा और एक सीट पर समाजवादी पार्टी ने जीत दर्ज की थी। भाजपा से सुल्तानपुर सीट से विनोद सिंह, सदर से राज प्रसाद उपाध्याय, लम्भुआ से सीताराम वर्मा और कादीपुर सुरक्षित सीट से राजेश गौतम विधायक चुने गए थे, जबकि समाजवादी पार्टी से इसौली सीट से मोहम्मद ताहिर खान ने जीत हासिल की थी। 2027 के चुनाव में भी इन पांचों सीटों पर कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा।
इसौली में मुस्लिम-यादव समीकरण के कारण सपा मजबूत मानी जाती है, जबकि अन्य चार सीटों पर भाजपा का संगठनात्मक पकड़ मजबूत है। कादीपुर सुरक्षित सीट पर दलित वोट बैंक निर्णायक भूमिका में रहेगा। आने वाले चुनाव में किसानों के मुद्दे, गोमती नदी के कटान, गन्ना भुगतान, युवाओं को रोजगार और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जुड़े विकास के दावे प्रमुख मुद्दे बनेंगे, जिनके इर्द-गिर्द ही सुल्तानपुर की सियासी लड़ाई लड़ी जाएगी।
--आईएएनएस
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