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मध्य प्रदेश : यूनाईटेड कॉन्सियसनेस ग्लोबल उज्जैन में योग केंद्र स्थापित करने को तैयार

भोपाल, 21 जनवरी (आईएएनएस)। दावोस में वल्र्ड इकोनामिक फोरम 2026 चल रहा है। इस मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से चर्चा के दौरान यूनाईटेड कॉन्सियसनेस ग्लोबल ने उज्जैन में स्थाई योग केंद्र स्थापित करने की इच्छा जताई है।
 
मध्य प्रदेश : यूनाईटेड कॉन्सियसनेस ग्लोबल उज्जैन में योग केंद्र स्थापित करने को तैयार

भोपाल, 21 जनवरी (आईएएनएस)। दावोस में वल्र्ड इकोनामिक फोरम 2026 चल रहा है। इस मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से चर्चा के दौरान यूनाईटेड कॉन्सियसनेस ग्लोबल ने उज्जैन में स्थाई योग केंद्र स्थापित करने की इच्छा जताई है।

राज्य सरकार की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी में बताया गया है कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम-2026 में मुख्यमंत्री मोहन यादव से यूनाईटेड कॉन्सियसनेस ग्लोबल के प्रतिनिधिमंडल से भेंट की। बैठक में योग के वैश्विक प्रसार, आश्रमों और योग केंद्रों की स्थापना से जुड़े प्रयासों पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने संगठन द्वारा योग को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर, विशेष रूप से जर्मनी में, लोकप्रिय बनाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन परंपरा होने के साथ-साथ आज वैश्विक स्वास्थ्य और चेतना से जुड़ा एक साझा मंच बन चुका है। संगठन के प्रतिनिधियों ने उज्जैन में वर्ष 2027 में यूनाईटेड कॉन्सियसनेस ग्लोबल आयोजित करने की योजना की जानकारी दी। यह सम्मेलन कालिदास अकादमी में प्रस्तावित है। इसमें विभिन्न देशों से योग, ध्यान और चेतना से जुड़े विशेषज्ञों के शामिल होने की संभावना है। संगठन ने उज्जैन में स्थायी योग केंद्र स्थापित करने की मंशा भी व्यक्त की।

मुख्यमंत्री यादव ने इस पहल के साथ भविष्य में सहयोग की संभावनाओं पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि राज्य योग, आध्यात्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देने वाले प्रयासों का समर्थन करने पर विचार करेगा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री यादव ने डी-रीस्किंग द ग्रीन लीप, सब नेशनल ब्लू प्रिंट फॉर यूटिलिटी स्केल एनर्जी ट्रांजीशन विषय पर आयोजित उच्च स्तरीय राउंड टेबल मीटिंग में भागीदारी की।

मुख्यमंत्री ने राज्य की ऊर्जा यात्रा में नवीकरणीय ऊर्जा की केंद्रीय भूमिका पर चर्चा करते हुए कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा मध्यप्रदेश के समावेशी और टिकाऊ विकास की आधारशिला है। राज्य स्वच्छ, सस्ती और भरोसेमंद ऊर्जा की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच से प्रेरित होकर मध्यप्रदेश ने हरित ऊर्जा को विकास की मुख्य धारा में शामिल किया है।

अन्तर्राज्यीय सहयोग और बेहतर समन्वय से राज्य में बिजली और जल आपूर्ति में स्थिरता आई है। इससे आम उपभोक्ताओं के साथ उद्योगों को भी लाभ मिला है। राउंड टेबल मीटिंग के समापन-सत्र में केंद्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री और उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रहलाद जोशी ने भारत और प्रधानमंत्री मोदी के हरित ऊर्जा विजन को साझा किया।

उन्होंने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में नीति स्थिरता के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि यह उपभोक्ताओं और ऊर्जा क्षेत्र के लिए लाभकारी सिद्ध होगी। मध्य प्रदेश की सौर ऊर्जा संबंधित उपलब्धियां वैश्विक स्तर पर साझा की जा सकती हैं। उन्होंने श्रम, भूमि और ऊर्जा के बेहतर समन्वय से स्वच्छ ऊर्जा में जोखिम कम करने के मध्य प्रदेश मॉडल को उल्लेखनीय बताया और प्रौद्योगिकी निवेश और ब्लेंडेड फाइनेंस पर जोर दिया।

--आईएएनएस

एसएनपी/एससीएच