आम बजट 2026-27 में लोगों को आयकर में छूट बढ़ने और गिग वर्कर्स के लिए नई स्कीम आने की उम्मीद
सूरत, 21 जनवरी (आईएएनएस)। आम बजट 2026-27 आने में दो हफ्तों से भी कम का समय बचा हुआ है। ऐसे में अलग-अलग सेक्टर्स के एक्सपर्ट्स और आम लोग बजट को लेकर अपनी-अपनी राय रख रहे हैं।
आने वाले बजट पर अर्थशास्त्री अवनीश तिवारी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि आम बजट 2026-27 में सरकार का फोकस पुरानी टैक्स रिजीम की अपेक्षा नई टैक्स रिजीम पर होने की उम्मीद है। इस बार मुझे उम्मीद है कि सरकार अधिक करदाताओं को आकर्षित करने के लिए एचआरए, इश्योरेंस और होम लोन की छूट को नई टैक्स रीजम में ला सकती है। इससे बड़ी संख्या में वह लोग आईटीआर भरने के लिए प्रेरित होंगे, जो अभी तक टैक्स नहीं भरते हैं।
नौकरीपेशा लोगों को इनकम टैक्स में सरकार से और राहत की उम्मीद है और साथ ही वे पेट्रोल एवं डीजल पर टैक्स कम करने की मांग कर रहे हैं।
निजी क्षेत्र में नौकरी करने वाले जिग्नेश कोरावाला ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि सरकार को इस बार नई टैक्स रिजीम में आयकर छूट की सीमा को 12 लाख रुपए से बढ़ाकर 15 लाख रुपए कर देना चाहिए। इससे आम आदमी को काफी राहत मिलेगी। साथ ही, पेट्रोल एवं डीजल को जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए।
एक अन्य नौकरीपेशा व्यक्ति योगेश मिश्रा ने सरकार को एचआरए की सीमा को बढ़ाया जाना चाहिए। साथ ही जॉब सिक्योरिटी इंश्योरेंस होना चाहिए, जिससे जब भी किसी व्यक्ति की अचानक नौकरी चली जाए तो सरकार उसे कुछ राशि उपलब्ध करा सके।
इसके अतिरिक्त, सरकार को गिग वर्कर्स के लिए कम कीमत में स्वास्थ्य बीमा लाना चाहिए, जिससे वे आसानी से इलाज करा सकें।
वहीं, विशाल पटेल ने कहा कि इस बजट में सरकार का फोकस उन क्षेत्रों पर होना चाहिए, जिससे देश के आम आदमी का जीवन आसान और चीजें किफायती बने।
--आईएएनएस
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