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यूएन सुरक्षा परिषद की बैठक में रूस पर दबाव बढ़ाने पर जोर, सिबिहा बोले- यूक्रेन को ठंड और अंधेरे में धकेलने की कोशिश

नई दिल्ली, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद शुक्रवार को बुलाई गई आपात बैठक के दौरान यूक्रेन के विदेश मंत्री सिबिहा ने कहा कि रूस के विनाशकारी हमले लगातार जारी हैं। इन हमलों में एक हफ्ते में 100 नागरिकों ने अपनी जान गंवा दी। रूस लगातार हमारे एनर्जी सिस्टम पर हमले कर रहा है।
 

नई द‍िल्‍ली, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद शुक्रवार को बुलाई गई आपात बैठक के दौरान यूक्रेन के विदेश मंत्री सिबिहा ने कहा क‍ि रूस के व‍िनाशकारी हमले लगातार जारी हैं। इन हमलों में एक हफ्ते में 100 नागरिकों ने अपनी जान गंवा दी। रूस लगातार हमारे एनर्जी सिस्टम पर हमले कर रहा है।

यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने कहा क‍ि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यह आपात बैठक 7-8 अक्टूबर को रूस की ओर से किए गए बड़े हमलों के बाद यूक्रेन के अनुरोध पर की गई। सिबिहा ने आरोप लगाया कि रूस जानबूझकर उसके ऊर्जा ढांचे को निशाना बना रहा है, ताकि सर्दियों से पहले यूक्रेनियाई लोगों को ठंड और अंधेरे में धकेला जा सके।

बैठक के दौरान उन्‍होंने कहा कि सिर्फ एक सप्ताह के भीतर रूसी हमलों में लगभग 100 नागरिकों की मौत हुई है। इनमें क्रामाटोर्स्क, प्रिलुकी और राजधानी कीव जैसे शहर शामिल हैं।

सिबिहा के अनुसार, कब्जे वाले शहर ओलेश्की में लोग भोजन, पीने का पानी और दवाओं जैसी बुनियादी जरूरतों से कटे हुए हैं। वहीं, काला सागर में जहाजरानी पर रूसी हमलों से वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा हो रहा है।

सिबिहा ने आरोप लगाया कि बेलारूस एक बार फिर रूस को अपनी बुनियादी सुविधाओं और ढांचे का इस्तेमाल करने दे रहा है, जिससे यूक्रेन के शहरों पर ड्रोन हमले जारी रखे जा सकें। सिबिहा ने मांग की कि बेलारूस की राजधानी मिन्स्क तुरंत रूस के युद्ध अपराधों में अपनी कथित भूमिका खत्म करे और इस तरह के ढांचे के इस्तेमाल पर रोक लगाए।

सिबिहा ने सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों से रूस की आक्रामकता को रोकने, आम नागरिकों की रक्षा करने और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुरूप स्थायी शांति स्थापित करने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की।

यूक्रेन का कहना है कि युद्ध को खत्म करने के लिए रूस पर दबाव बढ़ाना बेहद जरूरी है। सिबिहा ने कहा क‍ि कहा कि रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों को कमजोर करने वाला कोई भी फैसला मॉस्को को गलत संदेश देगा और युद्ध को और लंबा खींचेगा।

सिबिहा के अनुसार, ऐसे कदम व्यावहारिक नहीं बल्कि दूरदृष्टि की कमी वाले हैं, जो समस्या का समाधान करने के बजाय उसे और गंभीर बना सकते हैं।

--आईएएनएस

एवाई/