संयुक्त राष्ट्र के नए मानचित्र पर भारत को जताना चाहिए विरोध, कश्मीरी पंडितों की धमकी की भी हो जांच : एसपी वैद
जम्मू-कश्मीर, 10 सितंबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने 'वंदे मातरम' विवाद, संयुक्त राष्ट्र के नए मानचित्र में अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चिन को विवादित दिखाए जाने और कश्मीरी पंडितों को मिले धमकी भरे पत्रों पर प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि 'वंदे मातरम' से हर भारतीय का भावनात्मक जुड़ाव है, वहीं यूएन को भारत के क्षेत्रों को भारत के हिस्से के रूप में ही दिखाना चाहिए।
राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' को लेकर जारी विवाद पर पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने कहा, "इस देश की भावना वंदे मातरम और आजादी के आंदोलन के साथ है। इस देश का हर भारतीय 'वंदे मातरम' को दिल से प्यार करता है। यह भारत के आजादी के आंदोलन का गीत था और हमारा राष्ट्रीय गीत है, इसलिए हर किसी का इससे गहरा इमोशनल कनेक्शन है।"
संयुक्त राष्ट्र के नए मानचित्र में अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चिन को भारत और चीन के बीच अलग-अलग इलाके के रूप में दिखाए जाने पर पूर्व डीजीपी ने कहा, "भारत ने कहा था कि जो भी मानचित्र जारी किया जाए, उसमें हमारे इलाके को हमारे हिस्से के रूप में दिखाया जाना चाहिए।"
उन्होंने जोर देते हुए कहा, "अगर इसके बावजूद ऐसा मानचित्र जारी किया गया, तो मुझे लगता है कि भारत को यूएन में यह मुद्दा फिर से उठाना चाहिए और विरोध दर्ज कराना चाहिए। ये हमारे इलाके हैं। पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का है। अक्साई चिन भी भारत का हिस्सा है और चीन ने उस पर गैरकानूनी तरीके से कब्जा कर रखा है।"
कश्मीरी पंडितों को फिर से मिले धमकी भरे लेटर पर पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने कहा, "मैं इस बारे में पहले भी दो-तीन बार बोल चुका हूं। मेरा मानना है कि इसकी जांच होनी चाहिए। आज के तकनीक के जमाने में यह पता लगाना मुमकिन है कि यह कहां से आया और कश्मीरी पंडित कर्मचारियों की पर्सनल डिटेल्स, जिसमें उनके मोबाइल नंबर, गाड़ी के नंबर, घर के नंबर और पते शामिल हैं, किसके पास हैं। जांच में तेजी लानी चाहिए और यह पता लगाना चाहिए कि यह कहां से आया।"
--आईएएनएस
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