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उड़ान योजना के तहत झारखंड के बोकारो और दुमका हवाई अड्डे के विकास का काम पूरा

रांची, 27 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्र सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना 'उड़े देश का आम नागरिक' (आरसीएस-उड़ान) के तहत चुने गए झारखंड के छह हवाई अड्डों में से चार का विकास कार्य पूरा कर लिया गया है। नागरिक विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने राज्यसभा में सांसद परिमल नथवाणी के सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी।
 

रांची, 27 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्र सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना 'उड़े देश का आम नागरिक' (आरसीएस-उड़ान) के तहत चुने गए झारखंड के छह हवाई अड्डों में से चार का विकास कार्य पूरा कर लिया गया है। नागरिक विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने राज्यसभा में सांसद परिमल नथवाणी के सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी।

सरकार के अनुसार, इस योजना में बोकारो, दुमका, जमशेदपुर, हजारीबाग, देवघर और डाल्टनगंज हवाई अड्डों को शामिल किया गया है। इनमें जमशेदपुर और देवघर हवाई अड्डों से पहले ही उड़ान सेवाएं संचालित हो रही हैं। वहीं, बोकारो और दुमका हवाई अड्डों का विकास कार्य पूरा हो चुका है। हालांकि, हजारीबाग और डाल्टनगंज हवाई अड्डों का विकास अभी शुरू नहीं हो सका है।

केंद्र सरकार ने बताया कि इन दोनों परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार की ओर से अब तक जरूरी जमीन उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसी वजह से विकास कार्य आगे नहीं बढ़ पाया है। राज्यसभा में दिए गए जवाब के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में झारखंड में हवाई अड्डों के विकास के लिए 122.04 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे। इनमें से अब तक 117.61 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।

इस राशि का उपयोग हवाई अड्डों की आधारभूत सुविधाएं विकसित करने और छोटे शहरों को हवाई सेवा से जोड़ने के लिए किया गया है। हालांकि, सरकार के जवाब से यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उड़ान योजना के तहत विकसित किए जा चुके बोकारो और दुमका एयरपोर्ट से उड़ानें कब से शुरू होंगी। स्थानीय आधिकारिक सूत्रों की मानें तो उड़ान के लिए डीजीसीए से इजाजत लेने की प्रक्रिया चल रही है।

बता दें कि केंद्र सरकार ने 4 जुलाई से उड़ान योजना का नया संस्करण लागू किया है। इसके तहत अगले 10 वर्षों में देश के 120 नए या कम सेवा वाले हवाई अड्डों और गंतव्यों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का उद्देश्य करीब चार करोड़ लोगों तक सस्ती क्षेत्रीय हवाई सेवा पहुंचाना है।

--आईएएनएस

एसएनसी/डीकेपी