ट्विशा शर्मा केस : सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद परिवार बोला- सच सामने आएगा
भोपाल, 25 मई (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्वतः संज्ञान लिए जाने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद ट्विशा शर्मा के परिजनों, फैमिली फ्रेंड्स और उनके वकील ने निष्पक्ष जांच और न्याय की उम्मीद जताई।
ट्विशा के फैमिली फ्रेंड नवरतन मित्तल ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्वतः संज्ञान लेने से अब मामले में तेजी आने की उम्मीद है। हमें जानकारी मिली है कि सीबीआई की सात सदस्यीय जांच टीम भोपाल पहुंच रही है। सीबीआई एक स्वतंत्र एजेंसी है, इसलिए हमें विश्वास है कि अब निष्पक्ष जांच होगी और सच सामने आएगा।
एक अन्य फैमिली फ्रेंड कुणाल चौहान ने कहा कि परिवार की मांगें अब कानूनी प्रक्रिया में शामिल हो चुकी हैं और उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद और मजबूत हुई है। देश का सबसे बड़ा कोर्ट अब इस मामले को देख रहा है। जिस दिन दोषियों को सजा मिल जाएगी, उसी दिन हम मानेंगे कि हमारी बेटी को न्याय मिल गया।
ट्विशा की फैमिली फ्रेंड प्राची गुप्ता ने आत्महत्या की आशंका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ट्विशा घटना से पहले ब्यूटी पार्लर गई थी और वहां से खुश होकर लौटी थी। वह अपने मायके आने की तैयारी कर रही थी। प्राची गुप्ता ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति गहरे अवसाद में होता है तो वह इस तरह सामान्य गतिविधियों में शामिल नहीं होता। वीडियो में भी ट्विशा सामान्य और खुश नजर आ रही थी।
ट्विशा की मामी अनुराधा शर्मा ने कहा कि परिवार की एक ही मांग है कि सीबीआई जांच निष्पक्ष हो और दोषियों को सजा मिले। उन्होंने कहा कि हमारी बच्ची ट्विशा खुशमिजाज और चुलबुली लड़की थी। सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान लेने के बाद हमें उम्मीद है कि अब हमारी बच्ची को न्याय मिलेगा।
ट्विशा के वकील मृणाल सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के स्वतः संज्ञान को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि इससे देश की न्याय व्यवस्था और आपराधिक न्याय प्रणाली पर लोगों का भरोसा मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की संस्थागत पक्षपात या कमी रही होगी तो अब सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में उन सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच संभव होगी।
मृणाल सिंह ने कहा कि यह केवल एक परिवार का मामला नहीं है बल्कि देशभर में इस तरह के मामलों में न्याय की उम्मीद रखने वाले सभी परिवारों के लिए एक बड़ा संदेश है। सुप्रीम कोर्ट ने अभी मामले का निस्तारण नहीं किया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की सुनवाई होगी। अदालत यह सुनिश्चित करना चाहती है कि न्यायपालिका पर जनता का भरोसा कायम रहे और जांच प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो।
--आईएएनएस
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