नवप्रीत सिंह ने फर्जी पहचान पत्र से हासिल की तुर्किये की नागरिकता, कई राज्यों में ले जाकर पूछताछ करेगी पुलिस (लीड-1)
नई दिल्ली, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। तुर्किये से डिपोर्ट कर भारत लाए गए कथित अंतरराष्ट्रीय नार्को-ट्रैफिकिंग नेटवर्क के प्रमुख आरोपी नवप्रीत सिंह को दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 10 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। दिल्ली पुलिस ने अदालत से नवप्रीत की 10 दिन की हिरासत मांगी थी।
पुलिस ने अदालत को बताया कि ड्रग तस्करी से जुड़े कथित नेटवर्क की जांच के सिलसिले में नवप्रीत सिंह को पंजाब, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र लेकर जाना है। इसके अलावा, मामले में पहले से गिरफ्तार रमनदीप, गुरप्रीत और गुरजोत के साथ आमने-सामने बैठाकर उससे पूछताछ करने की जरूरत है।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, नवप्रीत कथित तौर पर लंबे समय तक फर्जी पहचान पत्र के सहारे विदेश में छिपा हुआ था। उसे तुर्किये में मौजूद एक कथित अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का प्रमुख हैंडलर बताया गया है।
नवप्रीत सिंह पर आरोप है कि उसने 'नवाब विर्क' नाम की कथित फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया और इसी पहचान के जरिए तुर्किये की नागरिकता भी हासिल की। जांच एजेंसियों का आरोप है कि वह विदेश में रहते हुए अफगानिस्तान से भारत तक हेरोइन और मेथामफेटामाइन की तस्करी से जुड़े नेटवर्क को संचालित कर रहा था।
उसके खिलाफ भारत में ड्रग तस्करी और अन्य कथित आपराधिक गतिविधियों को लेकर जांच चल रही थी। दिल्ली हाई कोर्ट से जुड़े रिकॉर्ड में भी नवप्रीत सिंह को कथित ड्रग सिंडिकेट का प्रमुख किंगपिन बताते हुए उसके तुर्किये में होने का उल्लेख किया गया था।
नवप्रीत सिंह का नाम दिल्ली में वर्ष 2021 में सामने आए एक बड़े ड्रग सिंडिकेट मामले की जांच के दौरान भी सामने आया था। अदालत के रिकॉर्ड के मुताबिक, उस मामले में आरोपियों से करीब 355.5 किलोग्राम हेरोइन बरामद होने की बात दर्ज है।
जांच के दौरान नवप्रीत को कथित तौर पर इस नेटवर्क का प्रमुख आरोपी और विदेश में मौजूद हैंडलर बताया गया था। बाद की जांच में पंजाब पुलिस ने भी तुर्किये से संचालित एक कथित ड्रग नेटवर्क को नवप्रीत सिंह उर्फ 'नव' से जोड़ा था।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को नवप्रीत सिंह को तुर्किये से भारत वापस लाए जाने को सरकार की बड़ी सफलता बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर इसे मोदी सरकार की 'ऐतिहासिक उपलब्धि' करार दिया।
अमित शाह के मुताबिक, नवप्रीत सिंह ने कथित तौर पर 'नवाब विर्क' की फर्जी पहचान के जरिए तुर्किये की नागरिकता हासिल की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद भी वह अफगानिस्तान से भारत में हेरोइन और मेथामफेटामाइन की तस्करी से जुड़ी गतिविधियों में शामिल रहा।
गृह मंत्री ने कहा कि भारतीय एजेंसियों ने नवप्रीत का पता लगाया, उसकी वास्तविक पहचान उजागर की और आखिरकार उसे तुर्किये से डिपोर्ट करवाकर भारत लाने में सफलता हासिल की। उन्होंने इस अभियान से जुड़ी एजेंसियों को बधाई देते हुए कहा कि सरकार दिसंबर 2029 से पहले ड्रग कार्टेल के खिलाफ अभियान को निर्णायक मुकाम तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इससे पहले अप्रैल में मोस्ट वांटेड गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम के करीबी सहयोगी बताए जाने वाले और ड्रग तस्करी के संदिग्ध मोहम्मद सलीम डोला को भी तुर्किये से भारत वापस लाया गया था। उस समय गृह मंत्री ने इस कार्रवाई को ड्रग्स से जुड़े भगोड़ों और संगठित अपराध सिंडिकेट के सदस्यों को कानून के दायरे में लाने की दिशा में बड़ी सफलता बताया था।
--आईएएनएस
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