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ट्रंप की धमकियों और ईरान में हिंसा के बीच खामेनेई का नया वीडियो आया सामने

नई दिल्ली, 11 जनवरी (आईएएनएस)। ईरान में जारी प्रदर्शनों के बीच अमेरिका और तेहरान के बीच धमकियों का सिलसिला जारी है। इस बीच भारत में ईरान के दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई का एक वीडियो पोस्ट किया है। वीडियो में खामेनेई अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहते हैं कि उन्होंने सब कुछ किया, लेकिन वो हार गए।
 
ट्रंप की धमकियों और ईरान में हिंसा के बीच खामेनेई का नया वीडियो आया सामने

नई दिल्ली, 11 जनवरी (आईएएनएस)। ईरान में जारी प्रदर्शनों के बीच अमेरिका और तेहरान के बीच धमकियों का सिलसिला जारी है। इस बीच भारत में ईरान के दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई का एक वीडियो पोस्ट किया है। वीडियो में खामेनेई अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहते हैं कि उन्होंने सब कुछ किया, लेकिन वो हार गए।

खामेनेई वीडियो में कहते हैं, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान आज दुनिया में मजबूत, ताकतवर और खुशहाल है, उनकी इच्छा के उलट। वे पिछले 40 सालों में सब कुछ कर पाए हैं। दूसरे शब्दों में, किसी देश के खिलाफ कभी कोई ऐसा निर्णायक एक्शन नहीं लिया गया जो लिया जा सके।"

ईरान के सुप्रीम लीडर ने आगे कहा, "उन्होंने सैन्य, सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, सांस्कृतिक और लेबर अटैक किए। यहां-वहां के कुछ कमजोर लोगों ने पिछले कुछ सालों में अपने पैसे से ये सब किया है और वे हार गए। उन्हें कोई जगह नहीं मिली है। आज खुदा का शुक्र है कि ईरान पर इस्लामिक रिपब्लिक का राज है। यह इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान है।"

उन्होंने कहा, "अगर सरकार लिबरल डेमोक्रेसी होती, सल्तनत सरकार होती और सरकारें एक-दूसरे पर निर्भर होतीं, तो ऐसा नहीं होता। यह इस्लाम है। यह लोगों का सिस्टम है। यह एक इस्लामिक सिस्टम है, यानी एक इस्लामिक रिपब्लिक, जिसने ईरान को विज्ञान, तकनीक, कला, भाषा और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बहुत तरक्की करने में मदद की है।"

तेहरान ने अमेरिका और इजरायल पर अशांति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शनिवार को एक्स पर लिखा, "यह मानते हुए कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान दूसरे देशों जैसा है, अमेरिका भी कुछ लोगों को अफरा-तफरी और दंगे करने के लिए बढ़ावा देकर वही कदम उठा रहा है।"

ईरान में 28 दिसंबर से खामेनेई सरकार के खिलाफ महंगाई और बेरोजगारी को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। देश की करेंसी गिरने की वजह से खाने-पीने की चीजों और दूसरी जरूरी चीजों की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला। वहीं हिंसा को रोकने के लिए ईरानी अधिकारियों ने गुरुवार को पूरे देश में इंटरनेट और फोन कनेक्शन काट दिया। करीब 60 घंटे से ज्यादा का वक्त निकल चुका है, लेकिन अब तक ना तो इंटरनेट सेवा फिर से शुरू हुई है और ना ही मोबाइल फोन कनेक्शन।

वहीं ईरान ने भी अमेरिका की धमकियों पर अपनी चेतावनी जारी कर दी है। ईरान के पार्लियामेंट स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने कहा कि अगर अमेरिका सरकार के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों के दौरान कोई नया हमला करता है, तो ईरान अमेरिकी सेना और शिपिंग टारगेट पर हमला करेगा। ऐसा लगता है कि इससे इजरायल को भी खतरा है।

--आईएएनएस

केके/वीसी