Aapka Rajasthan

ट्रंप के बयान पर बोले गुलाम अली खटाना- भारत उभरी हुई शक्ति है, दूसरे क्‍या सोचते हैं, कोई फर्क नहीं पड़ता

नई दिल्ली, 25 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने एक नए बयान में दावा किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम कराने में उनकी भूमिका रही। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते यह पहल नहीं की जाती तो हालात बेहद गंभीर हो सकते थे।
 
ट्रंप के बयान पर बोले गुलाम अली खटाना- भारत उभरी हुई शक्ति है, दूसरे क्‍या सोचते हैं, कोई फर्क नहीं पड़ता

नई दिल्ली, 25 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने एक नए बयान में दावा किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम कराने में उनकी भूमिका रही। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते यह पहल नहीं की जाती तो हालात बेहद गंभीर हो सकते थे।

ट्रंप के मुताबिक, स्थिति इतनी तनावपूर्ण थी कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की जान को भी खतरा हो सकता था और मामला परमाणु युद्ध तक पहुंच सकता था। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी के सांसद गुलाम अली खटाना ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि एनडीए का नेतृत्व कर रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी ताकत बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा, “दूसरे हमारे बारे में क्या सोचते या कहते हैं, इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। हम एक उभरती हुई शक्ति हैं। नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद हमारे किसानों, स्टार्ट-अप और स्टैंड-अप पहल को वैश्विक स्तर पर नए अवसर और बाजार मिले हैं। हमें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि भारत के बारे में कौन क्या कहता है।”

प्रधानमंत्री मोदी के प्रस्तावित इजरायल दौरे को लेकर खटाना ने कहा कि जब से पीएम मोदी ने देश की कमान संभाली है, अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भारत की स्वीकार्यता, व्यापारिक संबंध और भारतीय नागरिकों के प्रति सम्मान में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि चाहे गल्फ कंट्री हो, यूरोपीय संघ हो, अमेरिका हो या अन्य विकसित राष्ट्र, सभी की भारत से अपेक्षाएं बढ़ी हैं। खटाना ने यह भी कहा कि भारत एकमात्र ऐसा देश है, जो इजरायल और फिलिस्तीन दोनों को समान दृष्टि से देखता है और स्वतंत्र विदेश नीति का पालन करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत को किसी से निर्देश लेने की आवश्यकता नहीं है और वह अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर व्यापार और कूटनीतिक संबंध स्थापित करता है।

इजरायल यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश के बरेली के मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर आशंका जताई है कि इस यात्रा से कुछ मुसलमानों की भावनाएं आहत हो सकती हैं। खटाना ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी समुदाय के प्रतिनिधि को ऐसा बयान नहीं देना चाहिए, जिससे अनावश्यक विवाद खड़ा हो। उन्होंने कहा कि संवाद और शांति ही आगे बढ़ने का रास्ता है और सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए।

वहीं, पंजाब के एक निजी विश्वविद्यालय में कश्मीरी मुस्लिम छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला भी चर्चा में है। रमजान के दौरान विशेष भोजन व्यवस्था की मांग को लेकर छात्रों के साथ दुर्व्यवहार और धमकी देने के आरोपों के बाद विश्वविद्यालय के कुलपति को बर्खास्त कर दिया गया है। इस पर भाजपा सांसद खटाना ने कहा कि देश में हर धर्म और परंपरा का सम्मान किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आज सोशल मीडिया के दौर में छोटी-सी घटना भी तुरंत सार्वजनिक हो जाती है, इसलिए सभी संस्थानों को संवेदनशीलता और समझदारी से काम लेना चाहिए। उन्होंने पंजाब सरकार से इस मामले पर गंभीरता से ध्यान देने की अपील की और कहा कि केंद्र सरकार के लिए देश का हर नागरिक समान है, चाहे उसका धर्म या क्षेत्र कोई भी हो।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी