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त्रिपुरा: ईडी ने आईपीएल सट्टेबाजी गिरोह पर की कार्रवाई, एक करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति कुर्क की

अगरतला, 1 अगस्त (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अगरतला उप क्षेत्रीय कार्यालय ने त्रिपुरा राज्य में संचालित एक अवैध आईपीएल/क्रिकेट सट्टेबाजी गिरोह की लगभग 1.05 करोड़ रुपए मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को अनंतिम रूप से कुर्क कर लिया है। कुर्क की गई संपत्तियों में नौ अचल संपत्तियां और आरोपी व्यक्ति और उसकी पत्नी के नाम पर बैंक खातों में जमा राशि शामिल है।
 

अगरतला, 1 अगस्त (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अगरतला उप क्षेत्रीय कार्यालय ने त्रिपुरा राज्य में संचालित एक अवैध आईपीएल/क्रिकेट सट्टेबाजी गिरोह की लगभग 1.05 करोड़ रुपए मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को अनंतिम रूप से कुर्क कर लिया है। कुर्क की गई संपत्तियों में नौ अचल संपत्तियां और आरोपी व्यक्ति और उसकी पत्नी के नाम पर बैंक खातों में जमा राशि शामिल है।

ईडी ने प्रसेनजीत पॉल और लक्ष्मण पॉल के खिलाफ त्रिपुरा पुलिस (अमताली पुलिस स्टेशन) द्वारा भारतीय दंड संहिता, 1860 और त्रिपुरा जुआ अधिनियम, 1926 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत जांच शुरू की। यह एफआईआर त्रिपुरा पुलिस द्वारा 11 मई 2023 को प्रसेनजीत पॉल के आवासीय परिसर में की गई तलाशी के आधार पर दर्ज की गई थी, जिसके दौरान 93 लाख रुपए नकद, एक लैपटॉप, मोबाइल फोन, चार डेबिट कार्ड और सट्टेबाजी के लेन-देन की प्रविष्टियों वाली 17 नोटबुक बरामद की गईं।

जांच में पता चला है कि प्रसेनजीत पॉल अपने मामा लक्ष्मण पॉल और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर आईपीएल और अन्य क्रिकेट मैचों पर अवैध सट्टेबाजी/सत्तेबाजी के एक संगठित गिरोह में शामिल था। एफआईआर में नामजद सह-आरोपी लक्ष्मण पॉल पर आरोप है कि उसने प्रसेनजीत पॉल को उक्त अवैध सट्टेबाजी गतिविधियों में और गिरफ्तारी से बचने में मदद की। जांच में यह भी पता चला है कि लक्ष्मण पॉल ने अपनी पत्नी श्रीमती झूमा डे पॉल के साथ, जिनके नाम पर वह कई बैंक खाते संचालित और नियंत्रित करता था, करोड़ों रुपए की बड़ी नकद जमा राशि और कई अचल संपत्तियां अर्जित कीं, जिनका कोई वैध आय स्रोत न तो घोषित किया गया था और न ही दस्तावेजी रूप से प्रमाणित किया गया था।

यह इस मामले में ईडी द्वारा जारी किया गया दूसरा अंतरिम कुर्की आदेश है। इससे पहले 16 मार्च 2026 को एक अंतरिम कुर्की आदेश जारी किया गया था जिसमें प्रसेनजीत पॉल और उनकी माता के नाम पर मौजूद संपत्तियों को कुर्क किया गया था। वर्तमान आदेश के तहत कुर्क की गई संपत्तियों में पश्चिम त्रिपुरा में स्थित कृषि और आवासीय भूमि के नौ भूखंड और पश्चिम बंगाल के कोलकाता में स्थित एक संपत्ति शामिल है, जिन्हें मुख्य रूप से नकद भुगतान द्वारा खरीदा गया था। इनमें लक्ष्मण पॉल और झूमा डे पॉल के नाम पर मौजूद बैंक खातों में जमा राशि भी शामिल है।

इस आदेश के साथ, ईडी द्वारा इस मामले में कुर्क की गई अपराध की आय का कुल मूल्य (नकद, अचल संपत्तियां और 16 मई 2026 के अंतरिम कुर्की आदेश के तहत कुर्क की गई बैंक राशि शामिल) लगभग 2.43 करोड़ रुपए है। आगे की जांच जारी है।

--आईएएनएस

एमएस/