ट्रिपल जंपर सेल्वा प्रभु कॉमनवेल्थ गेम्स में डेब्यू के लिए तैयार
मुंबई, 20 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय ट्रिपल जंपर सेल्वा प्रभु ग्लासगो में होने वाले 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स (सीडब्ल्यूजी) में अपना सीनियर डेब्यू करने के लिए तैयार हैं। वर्ल्ड अंडर-20 सिल्वर मेडलिस्ट और एनसीएए चैंपियन सेल्वा ने पुरुषों के ट्रिपल जंप में भारत के सबसे होनहार खिलाड़ियों में से एक के तौर पर अपनी पहचान बनाई है। 21 वर्षीय खिलाड़ी अपने करियर के सबसे बड़े मंचों में से एक पर भारत का प्रतिनिधित्व करने की तैयारी के लिए तैयार है, जहां राष्ट्रीय जर्सी पहनना सम्मान और जिम्मेदारी, दोनों है।
सेल्वा ने कहा, "अपने पहले सीनियर मल्टी-स्पोर्ट गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करना बहुत सम्मान की बात है। मैंने कई वर्षों से ऐसे मंच पर भारतीय जर्सी पहनने का सपना देखा है। मुझे इस मौके पर गर्व है और मेरा लक्ष्य अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना, देश का नाम रोशन करना और दुनिया के बेहतरीन एथलीट्स के खिलाफ मुकाबला करके कीमती अनुभव हासिल करना है।"
अमेरिका में बेहद प्रतिस्पर्धी एनसीएए सर्किट में पिछले कुछ साल बिताने के बाद, सेल्वा का मानना है कि इस अनुभव ने बतौर एथलीट उनके विकास में अहम भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा, "एनसीएए में मुकाबला करने से मुझे हर पहलू में आगे बढ़ने में मदद मिली है। वहां मुकाबले का स्तर बहुत ऊंचा है, इसलिए यह मुझे तकनीकी, शारीरिक और मानसिक रूप से बेहतर बनने के लिए प्रेरित करता है। बेहतरीन कोच के साथ ट्रेनिंग करने और हर हफ्ते वर्ल्ड-क्लास एथलीट्स के खिलाफ मुकाबला करने से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है। मैं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर ढंग से तैयार हुआ हूं।"
ग्लासगो से पहले अपनी तैयारियों के बारे में बात करते हुए सेल्वा कहते हैं कि ट्रेनिंग के दौरान प्रदर्शन में निरंतरता पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा, "मेरा मुख्य फोकस अपनी गति, निरंतरता और तकनीक को बेहतर बनाने पर रहा है। ट्रिपल जंप में असल बात यह है कि आप मुकाबले वाले दिन सब कुछ सही ढंग से करें। मैंने और मेरे कोच ने अप्रोच और अलग-अलग चरणों के दौरान लय बनाए रखने पर कड़ी मेहनत की है, साथ ही यह भी सुनिश्चित किया है कि मैं शारीरिक रूप से मजबूत और स्वस्थ रहूं।"
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरुषों के ट्रिपल जंप का स्तर लगातार बढ़ने के साथ, सेल्वा बहुत आगे की सोचने के बजाय अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "मुकाबला बहुत कड़ा है, जो मुझे और भी ज़्यादा प्रेरित करता है। मेरा लक्ष्य अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना और आत्मविश्वास के साथ मुकाबला करना है। अगर मैं अपने जंप सही तरीके से कर पाता हूं, तो मुझे पता है कि मैं अच्छा नतीजा ला सकता हूं। अगर मैं अपना सब कुछ झोंककर अपने पर्सनल बेस्ट के आस-पास या उससे बेहतर प्रदर्शन कर पाता हूं, तो मुझे संतुष्टि मिलेगी।"
सेल्वा ने कॉमनवेल्थ गेम्स तक के अपने सफर में 'इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट' (आईआईएस) की भूमिका को भी माना। उन्होंने कहा, "आईआईएस मेरे सफर का एक अहम हिस्सा रहा है। उन्होंने ट्रेनिंग, स्पोर्ट्स साइंस, रिकवरी और एथलीट के तौर पर मेरे सर्वांगीण विकास में मेरी मदद की है। मुझ पर उनके भरोसे की वजह से ही मैं हर दिन खुद को बेहतर बनाने पर ध्यान दे पाया हूं। मैं उनके सहयोग के लिए आभारी हूं और उम्मीद करता हूं कि भारत के लिए शानदार प्रदर्शन करके उस भरोसे पर खरा उतरूंगा।"
भारत के एथलेटिक्स दल के कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियों के बीच, सेल्वा की नजर अपने वर्षों के निरंतर प्रदर्शन को सीनियर मल्टी-स्पोर्ट गेम्स में पदार्पण के दौरान शानदार प्रदर्शन में बदलने पर होगी।
--आईएएनएस
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