ट्रेड डील पर भारत-अमेरिका की बनेगी बात! एस जयशंकर ने अमेरिकी सांसद स्टीव डैनिस से की मुलाकात
नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी सांसद स्टीव डैनिस ने नई दिल्ली में रविवार को मुलाकात की है। ईएएम एस जयशंकर ने मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर की। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर जल्द ही कोई खुशखबरी मिलने की उम्मीद बढ़ रही है।
एस जयशंकर ने बताया कि अमेरिकी सीनेटर के साथ भारत और अमेरिका के आपसी संबंधों और रणनीति को लेकर चर्चा हुई। अमेरिकी राजदूत का यह कहना कि भारत अमेरिका के लिए सबसे जरूरी साझेदार है और फिर अमेरिकी सांसद का भारतीय विदेश मंत्री से मिलना इस बात का संकेत दे रहा है कि दोनों देशों के बीच जारी व्यापार वार्ता तेजी से आगे बढ़ रहा है।
एक्स पर तस्वीरों के साथ कैप्शन में एस जयशंकर ने लिखा, "आज सुबह दिल्ली में सीनेटर स्टीव डैनिस से मिलकर खुशी हुई। हमारे आपसी रिश्ते और इसके रणनीतिक महत्व पर खुलकर बातचीत हुई।"
इससे पहले विदेश मंत्री ने अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो से फोन पर बातचीत की थी। इस बातचीत का मुद्दा व्यापार, महत्वपूर्ण खनिज, परमाणु ऊर्जा और रक्षा क्षेत्रों में सहयोग था।
इससे पहले अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने दोनों देशों के बीच ट्रेड वार्ता को लेकर कहा था कि दोनों पक्ष लगातार सक्रिय रूप से बातचीत कर रहे हैं। असल में, ट्रेड पर अगली बातचीत मंगलवार को होगी। भारत दुनिया का सबसे बड़ा देश है, इसलिए बातचीत को अंतिम लाइन तक पहुंचाना आसान काम नहीं है, लेकिन हम वहां पहुंचने के लिए पक्के इरादे वाले हैं। हालांकि, ट्रेड हमारे रिश्ते के लिए बहुत जरूरी है। हम सिक्योरिटी, काउंटर टेररिज्म, एनर्जी, तकनीक, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे दूसरे बहुत जरूरी क्षेत्रों में भी मिलकर काम करते रहेंगे।
अमेरिकी राजदूत ने भारत को यूएस का सबसे जरूरी साझेदार बताया और कहा था, "भारत से ज्यादा जरूरी कोई पार्टनर नहीं है। आने वाले महीनों और सालों में, राजदूत के तौर पर मेरा लक्ष्य एक बहुत बड़ा एजेंडा पूरा करना है। हम यह काम सच्चे रणनीतिक साझेदार के तौर पर करेंगे, जिसमें हर कोई ताकत, सम्मान और नेतृत्व लाएगा।"
उन्होंने पीएम मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दोस्ती को लेकर कहा कि मैं यह कह सकता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ राष्ट्र दोस्ती सच्ची है। अमेरिका और भारत सिर्फ अपने फायदों से ही नहीं, बल्कि सबसे ऊंचे स्तर पर बने रिश्तों से भी जुड़े हैं। सच्चे दोस्त अलग-अलग राय रख सकते हैं, लेकिन आखिर में हमेशा अपने मतभेद सुलझा लेते हैं।
--आईएएनएस
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