ममता बनर्जी के दिल्ली जाने को लेकर अग्निमित्रा पॉल का तंज, कहा- 'टीएमसी उनके हाथ से निकल गई है'
कोलकाता, 7 जून (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने विपक्षी गठबंधन की बैठक के लिए ममता बनर्जी के दिल्ली दौरे को लेकर तंज कसा है।
आईएएनएस से बातचीत करते हुए, उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन की बैठक किस विषय को लेकर है और कौन से इंडी गठबंधन की बात ये लोग कह रहे हैं, यह एक बड़ा सवाल है। सीपीएम के नेता की ओर से कांग्रेस को चिट्ठी लिखी गई है कि जिस कांग्रेस की ओर से बार-बार कहा जाता है कि भाजपा और सीपीएम के साथ अंडर टेबल अलायंस है, अब उसी कांग्रेस की ओर से 'इंडिया' गठबंधन में क्यों बुलाया जा रहा है?
अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि 'इंडिया' गठबंधन की बैठक में लेफ्ट नहीं जाएगा। एम.के. स्टालिन नहीं जाएंगे। लालू यादव की ओर से तबियत खराब की बात कही जा रही है, बैठक में लालू यादव भी नहीं जाएंगे। ममता बनर्जी की टीएमसी तो उनके हाथ से निकल गई है। ऐसे में बैठक में जाएगा कौन? 'इंडिया' गठबंधन की कोई नीति नहीं है, ऐसे में ये टिकेगा नहीं। देश की जनता ने विपक्षी गठबंधन को पूरी तरह से बर्खास्त कर दिया है।
बहरामपुर से टीएमसी सांसद यूसुफ पठान को लेकर अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि मैं यूसुफ पठान के बारे में कोई टिप्पणी नहीं कर पाऊंगी। वे ज्यादातर समय अपने चुनाव क्षेत्र में दिखाई नहीं देते हैं। इसलिए, चाहे वे वहां रहें या किसी दूसरी पार्टी में शामिल हो जाएं, इससे उनके चुनाव क्षेत्र के लोगों को कोई खास फर्क नहीं पड़ता।
अभिषेक बनर्जी पर हमले को लेकर उन्होंने कहा कि मैं खास तौर पर इस बात पर कोई टिप्पणी नहीं कर पाऊंगी कि ऐसा क्यों हुआ, लेकिन जनता हर टीएमसी नेता पर हमला कर रही है। बल्कि, मैं हमला शब्द का इस्तेमाल नहीं करूंगी, बल्कि उन पर अंडे फेंके जा रहे हैं। तो, जैसा बोओगे, वैसा ही काटोगे। कर्म का सिद्धांत यही है कि जैसा आप बोते हैं, वैसा ही फल पाते हैं।
उन्होंने कहा कि टीएमसी नेताओं ने इन 15 सालों में अपनी मनमानी और भ्रष्टाचार दिखाया है, और उन्हें लगता था कि उनके बिना काम नहीं चल सकता। लेकिन बंगाल की जनता ने उन्हें उनकी असलियत दिखा दी है।
नरेंद्र मोदी के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर रहने को लेकर अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि हम जश्न मनाने जा रहे हैं क्योंकि पीएम नरेंद्र मोदी न सिर्फ भारत के, बल्कि दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता हैं। उन्हें दुनिया भर के लोगों ने कई बार सबसे लोकप्रिय नेता के तौर पर चुना है। ईरान युद्ध हो या यूक्रेन युद्ध, हर जगह उनसे सलाह ली जाती है। कोई भी देश ईरान नहीं जा सका, लेकिन भारत वहां जा सका। दूसरे देशों के मुकाबले हमारे यहां तेल की कीमतें बहुत कम बढ़ी हैं, जबकि वे देश वाकई मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।
--आईएएनएस
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