टीएमसी सरकार ने राष्ट्रपति का अपमान करके अराजकता की हद पार कर दी: केंद्रीय मंत्री अमित शाह
कोलकाता, 7 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को पश्चिम बंगाल सरकार और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। यह हमला 9वें अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के आयोजन स्थल में बदलाव को लेकर हुए विवाद को लेकर किया गया, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि थीं।
गृह मंत्री शाह ने सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कहा कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी सरकार ने आज प्रोटोकॉल की घोर अवहेलना करते हुए भारत के राष्ट्रपति का अपमान करके अपनी अराजक हरकतों की नई हद पार कर दी।
उन्होंने कहा कि इससे टीएमसी सरकार की भ्रष्टता उजागर होती है, जो न केवल नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का मनमाने ढंग से उल्लंघन करती है, बल्कि भारत के राष्ट्रपति को भी अपने अत्याचार से नहीं बख्शती। भारत के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान, वह भी हमारे आदिवासी भाई-बहनों द्वारा आयोजित कार्यक्रम में, हमारे राष्ट्र और उन मूल्यों का अपमान है जो हमारे संवैधानिक लोकतंत्र की पहचान हैं।
अमित शाह ने कहा कि आज लोकतंत्र में विश्वास रखने वाला प्रत्येक नागरिक अत्यंत आहत और व्यथित है।
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े ने कहा कि पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के आगमन की पूर्व जानकारी होने के बाद भी पश्चिम बंगाल सरकार का व्यवहार आदिवासी समाज, नारी शक्ति और देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का सीधा अपमान है।
उन्होंने कहा कि यह सब सत्ता के मद में चूर ममता बनर्जी सरकार की मानसिकता को दर्शाता है। बंगाल की जनता इसका जवाब जरूर देगी।
वहीं, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि ममता दीदी, माना कि हम कमजोर हैं, पर इतने भी कमजोर नहीं हैं कि आप हमारे परिवार के सम्मान, हमारे देश की आन-बान-शान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु पर टिप्पणी करेंगी और हम खामोश रहेंगे।
उन्होंने कहा कि करारा जवाब मिलेगा, देश का हर दलित-आदिवासी राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु के अपमान का बदला लेगा। "बदला लेंगे, बदल डालेंगे,
ममता की सरकार को "अबुआ दिशुम, अबुआ राज, ममता राज टुंडू जाना" जय जोहार… जय बिरसा…
--आईएएनएस
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