'टीएमसी को बचाना ममता बनर्जी के लिए चुनौती', पूर्व मुख्यमंत्री के प्रदर्शन पर जदयू नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया
पटना, 2 जून (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कोलकाता में विरोध प्रदर्शन पर जदयू नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि टीएमसी पार्टी को बचाना ममता बनर्जी के लिए बड़ी चुनौती है।
जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "टीएमसी को प्रदर्शन करने का अधिकार प्राप्त है, लेकिन आत्म-अवलोकन करने का दायित्व भी है। अभिषेक बनर्जी पर हमला दुखद है, मगर कानूनी लड़ाई से बेहतर आप जनता की लड़ाई मानते हैं। इसका आपको अधिकार है। जनता ने आपसे ममता करना क्यों छोड़ दिया, इसका जवाब टीएमसी नहीं दे पा रही है।"
टीएमसी में अंतर्कलह पर जदयू प्रवक्ता ने कहा, "यह टीएमसी का अंदरूनी मामला है। अगर इस पार्टी में दरार है और इस क्रम में यह जवाब दिया जाना कि 'जिसको जाना है जाए', यह अहंकार को दर्शाता है। अहंकार से राजनीति में कभी एकजुटता नहीं होती है, बल्कि विखंडन होता है और इसका उदाहरण टीएमसी है।"
जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने भी ममता बनर्जी के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "बंगाल में ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के लिए स्थिति बिगड़ती जा रही है। विधायक दल की बैठक में विधायकों की बहुत ही कम उपस्थिति से स्पष्ट है कि बड़ी संख्या में विधायकों का विश्वास ममता बनर्जी के साथ नहीं है। नतीजों के बाद बड़ी संख्या में पार्षदों ने टीएमसी को छोड़ा। कुछ बड़े नेताओं ने ममता बनर्जी के खिलाफ स्टैंड लिया है। शांतनु सेन और अन्य कई बड़े नाम हैं, जो मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं।"
उन्होंने कहा, "पार्टी को बचाना ममता बनर्जी के लिए बड़ी चुनौती है। भय की वजह से अनेक जनप्रतिनिधि ममता बनर्जी के साथ थे, लेकिन जब सरकार बदली है तो उन जनप्रतिनिधियों के अंदर बाहर निकलने की छटपटाहट है। ये टीएमसी में एक बड़ी टूट का कारण हो सकता है।"
बता दें कि टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हालिया हमले के बाद ममता बनर्जी ने कोलकाता में सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने का फैसला लिया है। वे हमले के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहरा रही हैं।
--आईएएनएस
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