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'टीएमसी छोड़ने का कारण राजनीतिक और व्यक्तिगत', पार्टी से इस्तीफे पर सुष्मिता देव ने दिया जवाब

नई दिल्ली, 10 जून (आईएएनएस)। सुष्मिता देव ने राज्यसभा सदस्यता और तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि कुछ राजनीतिक और व्यक्तिगत कारण के चलते इस्तीफा दिया है।
 
'टीएमसी छोड़ने का कारण राजनीतिक और व्यक्तिगत', पार्टी से इस्तीफे पर सुष्मिता देव ने दिया जवाब

नई दिल्ली, 10 जून (आईएएनएस)। सुष्मिता देव ने राज्यसभा सदस्यता और तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि कुछ राजनीतिक और व्यक्तिगत कारण के चलते इस्तीफा दिया है।

सुष्मिता देव ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा, "मेरे कुछ राजनीतिक और व्यक्तिगत कारण हैं। मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहती।"

उन्होंने कहा, "आज सुबह मैंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और लगभग 11 बजे उपराष्ट्रपति को राज्यसभा से अपना इस्तीफा सौंप दिया। यह तय करना मेरा अधिकार है कि मैं किस तरह की राजनीति करूंगी, कहां करूंगी या राजनीति में बनी भी रहूंगी या नहीं। यह तय करने के लिए मुझे कुछ दिनों का समय चाहिए।"

इस दौरान, सुष्मिता देव ने टीएमसी से अन्य सांसदों के इस्तीफे की अटकलों पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा, "टीएमसी कौन छोड़ रहा है और क्यों छोड़ रहा है, इसका जवाब तो वही लोग दे सकते हैं। मैं इस पर क्यों टिप्पणी करूं? मैं अपने बारे में बात कर सकती हूं।"

गौरतलब है कि सुष्मिता देव ने तृणमूल कांग्रेस में बगावत के बीच पार्टी छोड़ने का फैसला लिया है। उन्होंने बुधवार को राज्यसभा सदस्य के तौर पर अपना इस्तीफा दे दिया। यह पश्चिम बंगाल में मिली हार के बाद ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है।

वहीं, अब सुष्मिता देव के भाजपा में शामिल होने की चर्चाएं हैं। इस्तीफे के बाद उन्होंने दिल्ली में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से मुलाकात की। उन्होंने इस मुलाकात पर मीडिया से बात करते हुए कहा, "आज मैं आजाद हूं। मैं हिमंता दा (असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा) को लंबे समय से जानती हूं। मैं उनसे शिष्टाचार के नाते मिलने गई थी।"

उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वे राजनीति में सक्रिय रहेंगी। इसके साथ ही उन्होंने असम से राजनीति करने के भी संकेत दिए। मीडिया से बातचीत में सुष्मिता देव ने कहा, "राजनीति तो चलती रहेगी। राजनीति में शामिल होने के कई तरीके हैं, लेकिन मैं असम के लोगों की सेवा करना चाहती हूं।"

--आईएएनएस

डीसीएच/