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‘द कंप्लीट मैन’ की टैगलाइन विजयपत सिंघानिया के जीवन का सच्चा सार थी : एकनाथ शिंदे

मुंबई, 29 मार्च (आईएएनएस)। रेमंड ग्रुप के पूर्व प्रमुख और पद्म भूषण से सम्मानित विजयपत सिंघानिया के निधन पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दुख जताया। उन्होंने कहा कि आज एक युग का अंत हो गया।
 
‘द कंप्लीट मैन’ की टैगलाइन विजयपत सिंघानिया के जीवन का सच्चा सार थी : एकनाथ शिंदे

मुंबई, 29 मार्च (आईएएनएस)। रेमंड ग्रुप के पूर्व प्रमुख और पद्म भूषण से सम्मानित विजयपत सिंघानिया के निधन पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दुख जताया। उन्होंने कहा कि आज एक युग का अंत हो गया।

मीडिया से बातचीत के दौरान डिप्टी सीएम शिंदे ने कहा कि भारतीय उद्योग जगत की एक बहुत ही वरिष्ठ हस्ती विजयपत सिंघानिया का निधन हमारे लिए बेहद दुखद घटना है। उनका ठाणे के साथ भी बहुत गहरा जुड़ाव था। उन्होंने बड़ी संवेदनशीलता के साथ लोगों की सेवा की। आज हमने एक महान व्यक्तित्व को खो दिया है। महाराष्ट्र सरकार और शिवसेना की ओर से, मैं उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

डिप्टी सीएम ने एक्स पोस्ट में लिखा कि आज एक युग का अंत हो गया। पद्म भूषण विजयपत सिंघानिया का 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया। ‘द कंप्लीट मैन’ रेमंड की टैगलाइन उनके जीवन का सच्चा सार थी। उन्होंने न सिर्फ एक कंपनी को विश्व स्तर पर पहचान दी, बल्कि स्टाइल, सम्मान और उत्कृष्टता की एक अनमोल विरासत छोड़ी। सिंघानिया उत्साही, साहसी और संवेदनशील समाजसेवी थे। अंत तक उनकी गरिमा और शालीनता मिसाल बनी रही। उनकी यादें हमेशा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेंगी।

डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार ने एक्स पोस्ट में लिखा कि रेमंड के संस्थापक, पद्म भूषण डॉ. विजयपत सिंघानिया के निधन से भारतीय औद्योगिक जगत ने एक दूरदर्शी, प्रेरणादायक और बहुआयामी व्यक्तित्व को खो दिया है। उनके गुजर जाने से औद्योगिक क्षेत्र में एक गहरा शून्य पैदा हो गया है। मैं उन्हें अपनी ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं। डॉ. विजयपत ने रेमंड ग्रुप को वैश्विक पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। पारंपरिक कपड़ा उद्योग में आधुनिकता का समावेश करने के उनके प्रयास सचमुच असाधारण थे।

उन्होंने आगे लिखा कि उनके नेतृत्व में रेमंड ने न केवल व्यावसायिक सफलता की नई ऊंचाइयां छुईं, बल्कि गुणवत्ता, विश्वास और उत्कृष्टता के नए मानक भी स्थापित किए। उद्योग जगत से परे, उन्होंने विमानन और साहसिक खेलों के क्षेत्रों में भी अपनी अमिट छाप छोड़ी। उन्हें केवल एक उद्योगपति के रूप में ही नहीं, बल्कि एक सामाजिक रूप से जागरूक विचारक और एक ऐसे मार्गदर्शक के रूप में याद किया जाएगा, जिन्होंने आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित किया।

--आईएएनएस

डीकेएम/एबीएम