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'द 50' को लेकर बोले दिग्विजय सिंह राठी- 'अगर मैं शो में टिकता, तो सफर कुछ अलग होता'

मुंबई, 31 मार्च (आईएएनएस)। रियलिटी शोज मनोरंजन के साथ-साथ लोगों की असली पर्सनैलिटी, सोच और व्यवहार को भी सामने लाते हैं। इन शोज में बनने वाले रिश्ते, टकराव और रणनीतियां दर्शकों को काफी आकर्षित करती हैं। ऐसे ही एक चर्चित शो 'द 50' को लेकर इसके कंटेस्टेंट दिग्विजय सिंह राठी ने आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में खुलकर बात की।
 
'द 50' को लेकर बोले दिग्विजय सिंह राठी- 'अगर मैं शो में टिकता, तो सफर कुछ अलग होता'

मुंबई, 31 मार्च (आईएएनएस)। रियलिटी शोज मनोरंजन के साथ-साथ लोगों की असली पर्सनैलिटी, सोच और व्यवहार को भी सामने लाते हैं। इन शोज में बनने वाले रिश्ते, टकराव और रणनीतियां दर्शकों को काफी आकर्षित करती हैं। ऐसे ही एक चर्चित शो 'द 50' को लेकर इसके कंटेस्टेंट दिग्विजय सिंह राठी ने आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में खुलकर बात की।

आईएएनएस से बात करते हुए दिग्विजय सिंह राठी ने कहा, ''मैं इस शो में अपनी मर्जी से नहीं, बल्कि एक करीबी दोस्त के कहने पर आया था। मेरे दोस्त ने मुझे बार-बार समझाया कि यह शो मेरे लिए अच्छा मौका हो सकता है। इसी वजह से मैंने इसमें हिस्सा लेने का फैसला किया। शो में आने के बाद मैंने खुद को पूरी तरह असली रूप में ही पेश किया। मैंने कभी जानबूझकर खुद को डॉमिनेंट दिखाने की कोशिश नहीं की। अगर कोई ऐसा करता है तो उसे दूसरों को दबाना पड़ता है, जो मुझे सही नहीं लगता। मैं जैसे असल जिंदगी में हूं, शो में भी वैसे ही रहा।''

शो में ग्रुपिज्म और टीम बनाकर खेलने के मुद्दे पर दिग्विजय ने कहा, ''ऐसा काफी देखने को मिला। लेकिन, अगर मैं शो में थोड़ा और टिकता, तो मेरा सफर अलग होता। मैं टास्क में अच्छा प्रदर्शन करता और फिनाले तक पहुंच जाता, दर्शकों को मेरा अलग रूप देखने को मिलता।''

शो में उनके और रजत दलाल के बीच हुई टक्कर काफी चर्चा में रही। इस पर दिग्विजय ने कहा, ''यह सिर्फ ईगो क्लैश नहीं था, बल्कि सामने वाले की असुरक्षा भी इसमें एक कारण थी। जब दो मजबूत व्यक्तित्व आमने-सामने आते हैं, तो टकराव होना स्वाभाविक है और इसमें पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता।''

उन्होंने कहा, ''शो में मेरे कई दोस्त थे और मैं एक व्यक्ति के कारण अपने बाकी रिश्तों को नहीं तोड़ सकता था। यही वजह है कि कुछ मामलों में टकराव के बावजूद मैं एक ही टीम में भी नजर आया।''

सोशल मीडिया पर शो के बाद भी जारी विवादों को लेकर उन्होंने कहा कि यह उन लोगों का काम है, जिनके पास करने के लिए कुछ नहीं होता। यह सिर्फ टाइम पास का एक तरीका बन गया है।

रियलिटी शोज के अनुभव के बारे में उन्होंने कहा, ''पहले मैं लोगों से नाराजगी रखता था, लेकिन अब मैं आगे बढ़ चुका हूं। अब मेरे लिए पुराने झगड़ों को पकड़कर रखने के बजाय जिंदगी में आगे बढ़ना ज्यादा जरूरी है।''

शो के फॉर्मेट पर बात करते हुए दिग्विजय ने कहा, ''इतने ज्यादा कंटेस्टेंट्स होने की वजह से हर कोई स्क्रीन टाइम चाहता है, जिससे बेवजह के झगड़े बढ़ जाते हैं। दर्शक जो देखते हैं, वह पूरी कहानी का सिर्फ एक हिस्सा होता है, जबकि असल में कंटेस्टेंट्स लंबे समय तक उस माहौल में रहते हैं।''

--आईएएनएस

पीके/एबीएम