थारू समाज के लोगों पर दर्ज मुकदमे वापस लेगी सरकारः मुख्यमंत्री योगी
लखीमपुर खीरी, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखीमपुर खीरी के लोगों को बड़ी सौगात दी। महात्मा ज्योतिबा फुले व महाराणा सांगा के जन्मदिवस के एक दिन पहले सीएम योगी ने कहा कि हर जनपद में माफिया पालने वाली पेशेवर अपराधियों की सरकार महाराणा प्रताप व महाराणा सांगा के वंशजों पर अत्याचार और झूठे मुकदमे दर्ज करती थी। संघर्ष करने वाले थारू समाज के जिन लोगों पर सपा सरकार ने मुकदमे दर्ज किए थे, हमारी सरकार उन सारे मुकदमों को वापस लेगी। अब आप पर कोई अत्याचार नहीं कर पाएगा, क्योंकि डबल इंजन सरकार साथ खड़ी है और आपके संघर्ष को सम्मान दे रही है।
सीएम योगी ने फिर चेताया कि माफिया बनने का प्रयास करने वाले मिट्टी में मिलने की तैयारी भी कर लें। सरकार किसी माफिया को पनपने, गरीबों का हक छीनने और नौजवानों की नौकरी पर डकैती नहीं डालने देगी। उन्होंने चंदन चौकी (पलिया) में आयोजित कार्यक्रम में नदियों द्वारा भूमि क्षरण से प्रभावित पूर्वी उत्तर प्रदेश के 2350 परिवारों व थारू जनजाति के 4356 परिवारों को भौमिक अधिकार पट्टों का आवंटन किया और पलिया, श्रीनगर, निघासन व गोला गोकर्णनाथ विधानसभा क्षेत्रों की 817 करोड़ रुपए की 314 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया।
उन्होंने थारू जनजाति के कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुति देखी और अपनी संस्कृति को बचाकर रखने के लिए उनकी सराहना भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सच्चा शासन वही है, जहां प्रजा सुखी हो। जनता के कल्याण में शासन का कल्याण है। शासन की खुशी का आधार व्यक्तिगत अभिलाषा का पूर्ण होना नहीं, बल्कि जनता-जनार्दन की खुशी है। यह कार्य तभी होता है, जब सत्ता में संवेदना होती है और सेवा के माध्यम से यह जनता-जनार्दन तक पहुंचती है। यह कार्यक्रम अधिकार से आत्मनिर्भरता, आत्मनिर्भरता से आत्मसम्मान की ऐतिहासिक यात्रा भी है, क्योंकि आज अधिकार के साथ आत्मसम्मान व आत्मनिर्भरता की गारंटी भी मिल रही है। जनता ने हमें अधिकार दिया तो हम उसे अधिकार पत्र दे रहे हैं।
सीएम ने कहा कि पूर्वी उप्र के स्वाधीनता संग्राम सेनानियों के आश्रितों को यहां बसाया गया था। आपकी तीन-तीन पीढ़ियां चली गईं, लेकिन कभी हक नहीं मिल पाया। दशकों की अधूरी यात्रा आज पुनर्वास कार्यक्रम के साथ बढ़ रही है। जब जनता और सरकार के बीच में विश्वास का सेतु बनता है तो वही विश्वास अधिकार बनकर धरातल पर उतरता है। चंदन चौकी इस जनपद का गौरव है। यहां वनवासी संस्कृति की जड़ें, स्वाभिमान और तराई की उर्वरता साथ फलती-फूलती है। चंदन चौकी व आसपास दर्जनों थारू बाहुल्य गांव हैं, जो पहचान के लिए मोहताज थे। कभी वन, पुलिस व राजस्व विभाग द्वारा उन्हें प्रताड़ित किया जाता था। शौर्य व वीरता के साथ अपने इतिहास को जोड़ने वाला थारू समाज पहले पहचान के लिए मोहताज था, लेकिन आज उसे अधिकार पत्र मिल रहा है और यही डबल इंजन सरकार की ताकत और स्पीड है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश से आए लोगों ने देश की आजादी के लिए सब कुछ खोया। अंग्रेजों ने इन्हें यातनाएं (काला पानी, देश निकाला, फांसी) दीं। आजादी के बाद तत्कालीन सरकार ने उन्हें बसाया तो, लेकिन जमीन का हक उपलब्ध नहीं कराया। देश की आजादी में योगदान देने वाले लोग आजाद भारत में अपने अधिकार से वंचित थे। 1976 में थारू समाज को इन गांवों में जमीन देने की बात कही गई थी, लेकिन उन्हें जमीन का स्वामित्व नहीं मिला। 1955 में पूर्वी उत्तर प्रदेश से आए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को भी मालिकाना हक नहीं मिल पाया।
सीएम ने कई दशकों से इन लोगों की सुनवाई न होने पर पिछली सरकारों को जमकर आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में संवेदना का अभाव था। ये लोग परिवारवाद से ऊपर उठते तो थारू व स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों के बारे में सोच पाते, लेकिन समाज को बांटने व संसाधनों पर डकैती डालने वालों से अधिकार मिलने की उम्मीद करना बेमानी है। आज 4356 थारू परिवारों को 5338 हेक्टेयर भूमि का अधिकार पत्र सौंपा गया है। 1955 में पूर्वी उत्तर प्रदेश से आए लोगों को तत्कालीन सरकार में हक नहीं मिला, लेकिन ऐसे 2350 परिवारों को आज 4251 हेक्टेयर भूमि का भौमिक अधिकार मिल रहा है। जो कभी नहीं हुआ, वह कार्य डबल इंजन सरकार कर रही है।
उन्होंने विधायक रोमी साहनी की मांगों को लिखित में शासन को भेजने के लिए कहा। सीएम ने उनसे यह भी कहा कि बेकरी व्यवसाय को चंदन चौकी और आसपास के क्षेत्र में विस्तार दीजिए, जिससे थारू समाज द्वारा संचालित स्वयं सहायता समूहों को साथ जोड़कर आपकी बेकरी के उत्पाद तराई क्षेत्र के साथ-साथ उत्तराखंड भी भेजे जा सकें। यहां 300 से अधिक महिला स्वयंसेवी समूह कार्य कर रहे हैं।
सीएम योगी ने कहा कि असमय ओलावृष्टि व अतिवृष्टि के कारण किसानों को भारी क्षति हुई है। हमने जल्द ही सर्वे रिपोर्ट मांगी है। पीड़ित किसानों को फसल बीमा योजना, आपदा राहत कोष से पैसा उपलब्ध कराएंगे। जनहानि, पशुहानि होने पर 24 घंटे में सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया गया है। अग्निकांड में फसल नुकसान होने पर मंडी समिति द्वारा तत्काल मुआवजा, घर जलने या आंधी-तूफान से नष्ट होने पर मुख्यमंत्री आवास योजना से आवास दिलाने को कहा गया है। संकट की घड़ी में सरकार किसानों के साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि थारू समाज को सरकार लाभार्थी से उद्यमी बनाएगी। खीरी में स्थापित थारू हस्तशिल्प कंपनी उसी सोच का प्रतीक है। सीएम योगी ने कहा कि सरकार बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर, महर्षि वाल्मीकि, संत रविदास की मूर्तियों पर छत्र व उसकी बाउंड्रीवाल भी बनाएगी।
--आईएएनएस
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